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  • Asked on August 11, 2017 in Finance.

    इंट्राडे ट्रेडिंग से मतलब उस ट्रेडिंग साइकिल से है जो आपको एक ही दिन में करना होता है. मतलब जिस दिन अपने इंट्राडे के अंतर्गत ट्रेडिंग करके स्टॉक या शेयर ख़रीदा है, तो आपको वो शेयर या स्टॉक उसी दिन मार्किट बंद होने से पहले की सेल करनी पड़ेगी. और अगर अपने पहले परचेस किया है तो उसी दिन मार्किट के बंद होने से पहले की आपको वो शेयर या स्टॉक सेल करना पड़ेगा.

     

    अगर अपने ऐसा नहीं किया तो, मार्किट बंद होते वक़्त जो रेट चल रहा होगा सेल या परचेस का, उसी रेट पर आपका शेयर या स्टॉक बिक जाएगा (खरीदने के केस में) या खरीद हो जाएगी(सेल के केस में). और उसी अनुसार आपका प्रॉफिट और लॉस अपनेआप बुक हो जाएगा.

     

    इंट्राडे ट्रेडिंग बिगिनर्स के लिए बहुत ही रिस्की होता है. इसमें वो ही लोग घुसते है, जिनको पल भर में या ज्यादा से ज्यादा एक दिन में प्रॉफिट कामना होता है. कई बार ऐसा होता है की प्रॉफिट कमाने के चक्कर में इसमें लोग बहुत ज्यादा लॉस खा बैठे है.

     

    तो आपसे अनुरोध है की, अगर आपको फुल नॉलेज है तो आप इंट्राडे ट्रेडिंग में जाए. नहीं तो शेयर और स्टॉक में लॉन्ग टर्म के लिए इन्वेस्ट करे.

     

     

    उम्मीद करता हू आपको आपका जवाब मिल गया होगा.

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  • Asked on August 11, 2017 in Blogging.

    जहा तक में सोच रहा हू, आपके माल की बुकिंग नहीं हो पाएगी. इसके पीछे बहुत से कारण है. जिनमें से एक ये है की, अब GST लगने के बाद कोई भी माल बिना इनवॉइस के बाहर से आ ही नहीं सकता है. जो आपको माल भेज रहा है, वही आपको माल नहीं भेजेगा. क्यूंकि मेरे हिसाब से वो आपको सबसे पहले कहेगा की आपका GST नंबर दीजिये. और आप कहेंगे की में रजिस्टर्ड पर्सन नहीं हू, तभी वो आपको कह देगा की नहीं भाई अब ऐसे माल नहीं सेंड कर सकता हू. पहले GST नंबर ले लीजिये आदि.

     

    और वैसे भी जब किसी स्टेट से कोई माल किसी स्टेट में आता है तो, स्टेट में एंटर होने से पहले वो चेक किया जाता है. और उस वक़्त इनवॉइस दिखाना अनिवार्य है.

     

    है एक केस है जिसमें, आपका माल बिना GST इनवॉइस के आ सकता है. मतलब चलन पर भी आप मॉल माँगा सकते है, मगर ये वो केस है जिसमें आपको जो माल मंगवाना है उसकी मात्रा फिक्स नहीं हो. मतलब आपको पता नहीं हो की कितनी खपत हो जाएगी. लेकिन अब GST के आने बाद उसके लिए भी आपको GST नंबर तो लेना ही पड़ेगा.

     

    तो आपको में यही कहूंगा की आप जल्द से जल्द अपना GST नंबर ले ले. ताकि आपको भविष्य में कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े.

     

     

    उम्मीद करता हू आपको आपका जवाब मिल गया होगा.

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  • बहुत अच्छा सवाल है आपका दोस्त

     

    ऑनलाइन गिफ बनाने के लिए इंटरनेट पर बहुत से सॉफ्टवेयर मौजूद है. आप किसी को भी उसे करके अपनी गिफ बना सकते है. डिपेंड करता है की, आपको किस से गिफ बनानी है. कहने का मतलब है की फोटो से गिफ या वीडियो से गिफ बनानी है. अगर फोटो से गिफ बनानी है तो उसके लिए अलग सॉफ्टवेयर पर बना ले. और अगर वीडियो की गिफ बनानी है तो उसके लिए अलग सॉफ्टवेयर का प्रयोग करले.

     

    वैसे तो कई सॉफ्टवेयर है जो दोनों फैसिलिटी प्रदान कर रही है. मगर मैंने इसलिए अलग अलग वर्णन किया, क्यूंकि अलग अलग चीज़ की अलग साइट पर काम की क्वालिटी का फर्क पड़ता है बस. तो आप गूगल में जा कर सर्च करके कोई एक वेबसाइट पर जाए और अपनी गिफ बना ले.

     

     

    उम्मीद करता हू आपको आपका जवाब मिल गया होगा.

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  • Asked on August 11, 2017 in Blogging.

    देखिए इसके पिछते सिर्फ दो ही कारण हो सकते है. पहला और सबसे महवत्पूर्ण कारण की अब हिंदी में ब्लॉगिंग शुरू हो गई है. क्यूंकि पहले गूगल हिंदी ब्लॉग को सपोर्ट नहीं करता था. लेकिन अब हिंदी को गूगल से सपोर्ट मिलने के बाद अब हिंदी ब्लॉगिंग में भी इनकम के आसार है. सिर्फ आसार ही नहीं है, बहुत ज्यादा आसार है. आज कल लोग अब अपनी हिंदी वेबसाइट भी बना रहे है और कमा रहे है.अब वो टाइम गया जब गूगल सिर्फ इंग्लिश ब्लोग्गेर्स को सपोर्ट करता था.

     

    और दूसरा कारण ये भी हो सकता है, की वो लोग जो इंग्लिश में ब्लॉग कर रहे थे, उनकी ब्लॉग गूगल के पैरामीटर के हिसाब से सही नहीं बैठ रही हो. मतलब गूगल के कुछ तरीके होते है, जिसको फॉलो करते हुए ही ब्लॉग डालनी होती है या करनी होती है. हो सकता है की उन लोगो को इंग्लिश भाषा में दिक्कत आ रही हो.

     

     

    उम्मीद करता हू आपको आपके सवाल का जवाब मिल गया होगा.

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  • Asked on August 9, 2017 in Business - व्यवसाय.

    इनकम टैक्स फाइल करने का एक सबसे बड़ा फ़ायदा ये है की, आपको कभी भी लोन मिल सकता है. लेकिन इसके लिए काम से काम आपके पास तीन साल की इनकम टैक्स रिटर्न होनी चाहिए. और वो भी चार्टर्ड अकाउंटेंट से सर्टीफी होनी चाहिए.

    अब सवाल आता है की आपको रिटर्न फाइल करनी चहिये या नहीं:

    तो मारा जवाब है नहीं, क्यूंकि Rs . 12500/- आप पर मंथ कमा रहे है, जो की बहुत ही कम है इनकम टैक्स रिटर्न के दायरे में आने से. और वैसे भी इनकम टैक्स रिटर्न की लिमिट आपको पता ही होगी अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न भने की सोच रहे है तो, अगर नहीं तो फिर ये लिमिट अभी Rs 250000/- तक टैक्स फ्री है. और जिनकी इनकम इससे निचे है उनको तो कोई जरुरत ही नहीं है रिटर्न भरने की.

     

    उम्मीद करता हूँ आपको आपके सवाल का जवाब मिल गया होगा.

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