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  • दुबलापन का कारण, लक्षण और दूर करने के उपाय व तरीके  – Underweight Problems and Remedies

    दुबलापन भी उतना ही नुकसानदेह है जितना की मोटापा, चाहे शारीरिक हो या मानसिक दोनों हिस्थिति में व्यक्ति को नुकसान होता है. ऐसा देखा गया है की जो लोग हद से ज्यादा दुबले होते है उनमें inferiority complex जैसी गंभीर समस्या घर कर लेती है और समाजिक जगहों पर अपने आपको प्रस्तुत करने से येह लोग कतराने लगते है.

    सहीं वजन जानने के लिए मेडिकल फील्ड में BMI -Body mass index का प्रयोग किया जाता है. बॉडी मास इंडेक्स आपके लम्बाई, उम्र और वजन का हिसाब करके कुछ नंबर बताता है जो की यह तय करता है की आप, under weight हैं, over weight हैं या, obese हैं.

    अगर आपका BMI- 18.5 से कम आता है तो आप underweight है और BMI- 25 से ज्यादा अता है तो आप overweight हैं और अगर BMI- 30 से ज्यादा है तो आप मोटापे का शिकार हैं.  आप अपना BMI यहाँ चेक कर सकते हैं:

    दुबलापन का कारण: Reason for Underweight in Hindi

    1. कुपोषण- कई बार सब सहीं रहने क बाद भी किसी स्थिति ( आर्थिक स्तिथि, लापरवाही या जागरूकता की कमी ) की वजह से सहीं पोषण नहीं मिलता, मतलब की लोग अपने लिए पर्याप्त मात्र में अच्छा भोजन और पोषण नहीं लेते.
    2. शारीरिक कारण-अगर आप किसी तरह की बीमारी से अभी उठे है जैसे की Typhoid, Jaundice या और कुछ तो स्वाभाविक है की आपका वजन कम हो गया होगा.
    3. Hyperthyroisim- हमारे शारीर में thyroid नाम की एक ग्रंथि होती है जो throxin होर्मोने पैदा करती है, अगर यह ग्रंथि जरुरत से ज्यादा throxin बाबानी लगे तो कई समस्याएँ हो जाती है जिनमे से वजन कम होना भी एक समस्या है.
    4. कैंसर- अगर किसी भी प्रकार का कैंसर शारीर में शुरू हो जाये तो अचानक ही शारीर का वजन कम होने लगता है. बिना कोई कारण अगर आपका वजन कम हो रहा है तो पूर्ण check up करवाएं.
    5. TB- TB एक ऐसी बीमारी है जिसमें आपका शारीर बहुत तेजी से अपना वजन खोने लगता है और आप कितना भी खाएं वजन बढ़ाने में बहुत मुश्किल जाती है.
    6. मधुमेह- मोटापे के कारण आपको मधुमेह हो सकता है परन्तु मदुमेह होने के बाद वजन तेजी से घटता है और इस बीमारी का यह पहला लक्षण होता है जो लोगों को पता चलता है.
    7. मानसिक कारण- अवसाद एक अवस्था है जिसमें भूख नहीं लगती और कुछ खाने का मन नहीं करता और कुछ खाया तो शारीर को नहीं लगता, जो लोग अवसादग्रस्त होते है वो बहत दुबले पतले होतें है.

    दुबलापन के लक्षण – Symptoms of Underweight

    1. बार बार बीमार पड़ना- हर कोई कभी ना कभी तो बीमार पड़ता है पर अगर आप बार बार बीमार पढ़ रहे हैं तो इसका मतलब है की आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई है , जो की कुपोषण में हमेशा होता है,
    2. जल्दी थक जाना-  अगर आप थोडा सा भी काम करके जल्दी थक जाते  है तो आपको फिर से अपने शारीर की तरफ ध्यान देना चाहिए. जल्दी थक जाना एक लक्षण है की आपके शारीर में उर्जा की कमी हो गयी है और उसे पोषण की जरुरत है.
    3. कमजोरी महसूस होना- चक्कर आना, थकना, किसी मेहनत वाले काम को करने से कतराना यह साब लक्षण है की आप कमजोर हो गएँ है और आपका दिमाग तकलीफ से गुजरना नहीं चाहता है.
    4. शारीर का तापमान कभी गरम कभी ठंडा हो जाना-जब आप underweight होते है तो आपका शारीर तापमान कण्ट्रोल करने में असमर्थ हो जाता है. शारीर की आतंरिक प्रणाली को स्थिर रखने वाली प्रक्रिया कोhomeostasisकहते है. अति दुबलेपन में यह प्रक्रिया ठीक से काम नहीं कर पाती और आप कभी एकदम ठंडे तो कभी गरम महसूस करने लगते है.
    5. बाल झड़ना– थोडे बहुत बाल तो हर किसी के रोज झडते है यह प्राकृतिक है, पर अगर आपके बाल बहुत ज्यादा मात्र में गिर रहे है तो आपको अच्छे तेल की नहीं बल्कि अच्छे पोषण की जरुरत है.

     

    वजन बढ़ाने के 12 सुरक्षित और सहीं तरीके – How to Gain Weight in Hindi

    वजन बढ़ाने के लिए भी लोग उतने ही परेशान रहते है जितना की वजन कम करने के लिए.

    जो भी कारण हो आपको यह जानना बहुत जरुरी है की सुरक्षित तरीके से वजन कैसे बढ़ाएं ताकि आप मोटापे और अन्य बिमारियों से बचे रहें.

    वजन बढ़ाने के 12 सुरक्षित तरीके – Vajan Badhane aur Sehat Banane Ke Tarike

    1. आपके शारीर को कितनी कैलोरी की जरुरत है यह जानें

    हमारे शारीर को रोजाना काम करने के लिए उर्जा (कैलोरी) की जरुरत होती है आपकी लम्बाई, वजन और उम्र और आप दिन भर किस तरह का काम करते है इससे तय होता है की आपको रोजाना कितनी कैलोरी चाहिए .

    आप पहले इस कैलोरी कैलकुलेटर का इस्तेमाल करके अपनी रोजाना की कैलोरी जरुरत का पता लगायें.

    2. एक फ़ूड Dairy बनायें

    अब आपको पता चल गया है की आपको रोजाना कितनी कैलोरी चाहिए.

    आज की तारीख पे आपका वजन कितना है इस डायरी में लिखे, और अपनी प्रोग्रेस, रेसेपी, नोट्स और लिस्ट्स इस डायरी में लिखे येह आपके बहुत काम आयेगी

    एक इलेक्ट्रोनिक weight machine खरीदें और अपना वजन नोट करें.

    वजन करने का सबसे सही से होता है, सुबह फ्रेश होने के बाद खली पेट वजन करना.

    3. जीतनी कैलोरी शारीर खर्च करता है उससे ज्यादा खाएँ

    अगर आपको वजन बढ़ाना है तो आपको रोजाना की जरुरत से कुछ ज्यादा कैलोरी लेनी पड़ेंगी इसे Calorie surplus कहते है.

    अब आपको करना यह है की अपनी रोजाना की कैलोरी जरुरत से 200- 250 कैलोरी एक्स्ट्रा लेनी है और थोड़ी कसरत करनी है.

    शारीर को जितना चाहिए उससे जायदा कैलोरी और पोषण दीजिये और थोडा व्यायाम करिए ताकि उस एक्स्ट्रा उर्जा और पोषण का इस्तेमाल शारीर अपने आपको मजबूत करने में लगाये.

    4. ज्यादा कैलोरी घनत्व वाला भोजन खाएं

    वजन बढ़ाने वाले लोगो के सामने जो पहली समस्या आती है वो यह है की वो ज्यादा खा नहीं सकते. पेट जल्दी भर जाता है.

    आपके लिए कुछ सुझाव है-

    पहला हल खाना खाने से आधा घंटा पहले पानी पीना बंद कर दें, अगर आप खाना खाने के पहले पानी पि लेंगे तो जायदा मात्र में भोजन नहीं ली सकेंगे. इसलिए खाना खाने से तुरंत पहले पानी न पियें.

    इस समस्या का दूसरा हल है की आप ऐसी चीजे खाएं जिनमे कैलोरी की ज्यादा मात्र हो, ताकि आपको कम भोजन में भी भरपूर कैलोरी मिल सके.

    5. बार बार खाएं

    अगर आप मोटा होना चाहते है तो Nutritionist की एक ही सलाह है की आपको 5 meals प्रति दिन खाने चाहिए, यानि की हर दिन 5 बार. परन्तु भारतीय परिवेष में यह हर किसी के लिए संभव नहीं है.

    इसलिए मैं कहता हूँ की आप कम से काम चार बार तो खा ही सकते है. मैं आपके लिए २ प्रकार के meal schedule बता रहा हूँ जो की हिन्दुस्तानी तरीकों से मेल खाते है. आप इन दोनों में से कोई एक तरीका इस्तेमाल कर सकते है.

    • 1. Breakfast (सुबह का नास्ता), 2. Lunch ( दोपहर का खाना) , 3. Evening Snacks ( शाम का नास्ता) , 4. Dinner ( रात का खाना). या
    • 1. Breakfast ( सुबह का नास्ता), 2. Lunch (दोपहर का खाना), 3. Dinner ( रात का खाना), 4. Post Dinner (रात के खाने के बाद का नास्ता).

    6. खाने में प्रोटीन की बड़ी मात्र रखें

    डाइट में प्रोटीन के महत्व को समझने के लिए आपको जानना होगा की प्रोटीन आपके शारीर के लिए क्या करता है.

    आपके शारीर की कोशिकाओं को बनाने के लिए जिस पोषक तत्त्व की सबसे जायदा जरुरत होती है वो है प्रोटीन.

    आपके bone, muscles, cartilage, skin, blood,hormones, hair, nails सभी को बनाने के लिए जिस चीज का सबसे ज्यादा जरुरत होती है वो है प्रोटीन.

    हमें रोजाना कम से कम .8 grm प्रति किलोग्राम शारीरिक वजन के अनुसार प्रोटीन चाहिएउदहारण के तौर कड़ी शारीरिक मेहनत ना करने वाले पुरुष को 56 ग्राम और महिला को 46 ग्राम प्रोटीन की रोजाना जरुरत होती है. इसलिए प्रोटीन की मात्र में कमी ना करें प्रोटीन रोजाना लें.

    7. हाई कैलोरी हाई प्रोटीन शेक बनाकर पियें

    वजन बढ़ाने के लिए खाना होगा वो भी खूब सारा,  परन्तु खूब सारा खाना चबा चबा कर दिनभर कोई खाना नहीं चाहता.

    इसका हल है protein shake, जी हाँ एक अच्छा गाढ़ा प्रोटीन शेक आप जल्दी गटक सकते है और इसमे वो सारे पोषण होते है जो एके आम खाने में होते है और मेरी मानिये तो कई बार आपके आम खाने से ज्यादा पोषक भी होते है.

    8. मेवे और गिरी खाएं

    हाई प्रोटीन और बढ़िया फैट का एक बेहतरीन श्रोत है मेवे- अंजीर, खजूर, बादाम, काजू, अखरोट, मूंगफली और बहुत से, रोज इन्हे अपने खाने में जोड़ें बहुत फरक पड़ेगा.

     

    9. सोने के पहले खाएं

    यह वजन बढ़ाने का वह तरीका है जो सूमो पहलवान इस्तेमाल करते है. जी हां, अगर आप सोने एक पहले खूब सारा खायेंगे तो आपका शारीर उस एक्स्ट्रा उर्जा और पोषण को शारीर में जमा कर लेगा और आपका वजन बढने लगेगा.

    आप इस तरीके का इतेमाल तब करें जब बहुत ही ज्यादा पतले है, क्युकी इस तरीके से मोटापा बढ़ाने की सम्भावन होती है.लेकिन अगर आपके शारीर में कुछ नहीं लग रहा है तो यह तारिका बढ़िया काम करेगा.

    10. वर्जिश या व्यायाम करें

    वर्जिश या व्यायाम करने से आपके शारीर में मेटाबोलिज्म ठीक से काम करने लगता है, शारीर को यह संदेश जाता है की काम करना है और ताकत चाहिए इसलिए वो मसल्स को मजबूत बनाने के लिए पोषण और उर्जा की मांग करता है जिससे आपकी भूख बढ़ जाती है और आप जायदा खाने लगते है.

    लेकिन हां एरोबिक व्यायाम ना करें इसके बजाये वेट ट्रैनिंग करें gym जाकर सभी मसल्स के लिए.

    11. पूरी नीद लें

    अगर मोटा होना है तो नींद की सख्त जरुरत है, रोजाना 7-8 घंटे अगर आप सो सकते है तो आपको वजन बढ़ाने में भरपूर फायदा मिलेगा.

    12. मानसिक तनाव और चिंता से बहार निकालें

    Tension और Anxiety दो ऐसी मानसिक स्थिति है जो की आपकी सेहत को पूरी तरह से ख़राब कर देती है. स्वस्थ्य भी ख़राब हो जाता है. एक तो आपको भूख नहीं लगेगी और दूसरा अप जो खायेंगे वो तन को नहीं लगेगा.

    शोध आधारित तथ्य है की आप चिंता के वक्त या तो जरुरत से ज्यादा खाते है या जरुरत से कम जो आपको मोटा या दुबला बना सकता है. अगर आप इस तरह की किसी समस्या से गर्त है तो psychiatrist से मिलने में संकोच ना करें. टॉक थेरेपी और काउंसलिंग से भी यह समस्या हल हो सकती है.

     

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  • Google Input Tool हिंदी टाइपिंग का सबसे अच्छा सॉफ्टवेयर है | आप इससे कहीं पर भी हिंदी या अन्य भारतीय भाषों में टाइप कर सकते है | इसका सबसे अच्छा फायदा यह है कि इसमें हमें हिंदी टाइपिंग अलग से सिखने की जरूरत नहीं है | हम अंग्रेजी कीबोर्ड का प्रयोग करके हिंदी में आसानी से टाइप कर सकते है |
    उदाहरण के लिए अगर आपको राम लिखना है तो आप कीबोर्ड में Ram टाइप करेंगे तो अपने आप हिंदी में राम लिख दिया जाएगा |

    हिंदी टाइपिंग अब बहुत ही आसान है | आप गूगल इनपुट टूल डाउनलोड अपने कंप्यूटर मोबाइल या फिर किसी भी अन्य डिवाइस में डाउनलोड कर सकते है | डाउनलोड लिंक निचे दिया गया है –

    कंप्यूटर एंव लैपटॉप के लिए –

    http://www.google.com/inputtools/windows/ 

    एंड्रॉयड फ़ोन और टैबलेट के लिए गूगल हिंदी इनपुट डाउनलोड कीजिए

    https://play.google.com/store/apps/details?id=com.google.android.apps.inputmethod.hindi

     

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  • योग के 13 महत्व और फायदे जो आपका जीवन बदल सकते है – What are the Benefits of Yoga in Hindi

    यह तो प्रमाणित है की योग का महत्व बहुत है और इसके अनके लाभ है. मैं योग के १३ महत्व यहाँ लिख रहा हूँ जो आपको योग करने के लिए. यह तो प्रमाणित है की योग के अनके लाभ है. जिन लोगो पर कोई इलाज काम नहीं आया उनके लिए भी योग में फायदे है. 

     यह फायदे आपको योग करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे.

    योग के 13 महत्व और फायदे: Benefits & Importance of Yoga in Hindi

    1. योग आपके मन को शांत करता है – Yoga For Mental Health

    योग का केंद्रीय बिंदु है ध्यान एवं स्वांसन क्रिया, यह दोनों ही चीजे आपके मन को स्थिर करती है और आपको शांति प्रदान करती है. Harvard विश्वविद्यालय के इस शोध में यह प्रामाणित हो चूका है ध्यान से चिंता और तनाव कम होता है. योग से शरीर में रक्त का सहीं प्रवाह होता है आपको उर्जा मिलाती है और आप प्रसन्न महसूस करते हैं. अगर आप ज्यादा कुछ नहीं कर सकते तो सिर्फ प्राणायाम करें मानशिक शांति के लिए बहुत ही अच्छा है.

    2. योग आपकी एकाग्रता बढ़ता है – Yoga for Concentration

    Massachusetts General Hospital के इस शोध में यह साबित हो गया है की ध्यान से आपकी concentration ( एकाग्रता ) बेहतर होती है. ध्यान आपकी एकाग्रता को बढ़ता है, स्टूडेंट्स हो या ऑफिस वर्कर हर किसी को योग से लाभ मिलता है, उनकी कार्य क्षमता बढ़ जाती है. योग के अभ्यास से आप अपने मन की चंचलता पर काबू पा सकते हैं और एकाग्रता हासिल का सकते है.

    3. योग मांसपेशियों की ताकत बढ़ता है – Yoga for Physical Strength

    ACEFitness के इस शोध रिपोर्ट में दो ग्रुप बनाया गया था एक ग्रुप ने कोई व्यायाम नहीं किया और दुसरे ग्रुप ने कई हफ़्तों तक योग करने के बाद जब एक ही तरह की gym एक्सरसाइज की तो योग करने वाले ग्रुप की परफॉरमेंस पहले से बेहतर हो चुकी थी.

    योग की विभिन्न मुद्राएँ और आसन आपके शारीर और मन को मजबूत बनाने के लिए है. जब मंश्पेसियों में विभिन्न प्रकार के तनाव, दबाव और खिचाव का अनुभव होता है तभी आपकी मंश्पेसियाँ मजबूत होने लगती है, लगातार योग करने से शारीर में लचीलापन अत है जिससे चोट लगने की संभावना कम हो जाती है.

    4. योग शारीर को लचीला बनता – Yoga for Body Flexibility

    Yogajournal के एक गहन लेख में body flexibility के बारे में और योग से इसके सम्बन्ध में पूरी जानकारी दी गयी है.

    वो सारे जोड़ जो कई सालों से जाम हो गए थे और मांसपेशियां जो अकड़ गयी थी वो सब खुलने लगती है और आपको मिलता है एक ज्यादा लचीला और फुर्तीला शारीर. आप युवा महसूस करने लगते है और शारीर में उर्जा का संचार हो जाता है.

    5. योग उठने- बैठने के तरीकों को सुधारता है – Yoga for Daily Good Habits

    आप जब योग करने लगेंगे तो आपको अपने शारीर के प्रति ज्यादा जागरूकता आ जाएगी. आप कैसे बैठ रहे है यह आप ध्यान रखेंगे और जब आपको लगता है की आप गलत तरीके से बैठे या खड़े हैं तो आप अपना तरीका खुद बा खुद सुधारने लगेंगे.

    6. योग जोड़ों को मजबूत करता है – Yoga for Joints

    जब आपकी मांसपेशियां मजबूत होती है और आपकी सेहत सुधरती है तब आपके जोड़ भी मजबूत हो जाते है. जोड़ को बंधने वाले लिगामेंट्स (तंतु) मजबूत हो जाते है और आपके जोड़ो की समस्या ठीक होने लगती है

    7. योग रीढ़ की हड्डी की सुरक्षा करता है – Yoga for Backbone

    Medical news today में प्रकाशित एक लेख में रीड की हड्डी, योग और इससे जुडे फायदे एक बारें में पूरी तरीके से समझया गया है.

    जब आपका उठाना बैठना सहीं तरीके से होता है तो आधी समस्या ख़त्म हो जाती है और शारीरिक मजबूती से आपकी पीठ की मंश्पेसियाँ मजबूत होती है जो की रीड की हड्डी को सपोर्ट देती है और आपकी पीठ मजबूत हो जाती है.

    8. योग शारीर में रक्त संचार बढाता है – Yoga for Blood Circulation

    1990 से 2009 के बिच में योग और जीवनस्तर पर उसके असर पर किये गए कई शोध से यह बात सामने आयी है की योग रक्तसंचार को बेहतर करता ही है साथ में रक्त में Hemoglobin और लाल रक्त कण की मात्र भी बढ़ता है.(एक शोध पत्र)

    योग से शारीरिक रक्त संचार बढ़ता है, मांसपेसियों के तनाव और संच्कुचन से जो स्थिति बनती है वो रक्त संचार को बढ़ाती है, और स्वसन क्रिया से खून में ज्यादा मात्र में oxigen जाता है और आपका शारीर ज्यादा उर्जावान महसूस करता है.

    9. योग रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है – Yoga for Immunity Boos

    जब आपका मन प्रसन्न रहता है और आपके शारीर में रक्त संचार बढ़ जाता है तब आपके शारीर से विषाक्त तत्त्व बहार निकल जाते है और आपकी रोग प्रतिरोधाक क्षमता बढ़ जाती है. (शोध पत्र)

    10.योग ब्लड प्रेशर को सहीं करता है – Yoga for Blood Pressure

    तनाव में कमी, शारीरिक मजबूती, सात्विक भोजन, यह सभी मिलकर एक बढ़िया जीवनशैली बनाते है. रक्त संचार में सुधार और धमनियों का शुद्धिकरण होता है और रक्त में कोलेस्ट्रोल की मात्र कम होती है और आपका ब्लड प्रेशर ठीक होने लगता है.

    11. योग नींद को बेहतर करता है – Yoga for Good Sleep

    जब आपका शारीर सहीं स्थिति में रहता है और आपका मन शांत रहता है और जब आप किसी तरह का व्यायाम करते हैं तो आपको अच्छी नींद आती है. अच्छी नींद से आपकी सेहत और मानसिक स्थिति और बेहतर होते जाती है

    12. योग फेफड़ों की oxigen लेने की क्षमता को बढ़ता है – Yoga for Lungs

    जब आप प्राणायाम करते है तो आप असल में अपने फेफड़ों का व्यायाम करते है. हम आराम की स्थिति में अमूमन इतनी जाता मात्र में साँस अन्दर नहीं लेते जीतनी की प्राणायाम के समय लेते है. इस तरह रोज योग करने से आपके फेफड़ों की क्षमता जिसे Lung Volume कहते है वह बढ़ जाती है.

    13. योग आपको दवाओं से दूर रखता है – Yoga for Good Health

    आपकी मजबूती, सहन शक्ति और रोगप्रतिरोधक क्षमता को बड़ा कर योग आपको दवाओं से दूर रखता है. योग ना केवल एक व्यायाम है बल्कि यह एक जीवनशैली है.

    योग करे और निरोगी रहे.

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  • एम्बुलेंस को हिंदी में “रुग्ण वाहिनी (Rugna Vahini)” कहते हैं|

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  • Asked on February 24, 2017 in Career.

    Lekhak Kaise Bane

    Lekhak banana asan nahi hai aur lekhak banne ke chahahat bhi kam hi logon ko hoti hai kyonki isme success rate bahut kam hai. Lekhan ek atyant vividh vyaavasaayik kshetr hai. Zaydatar professional lekhak self employed hote hai kyonki isme waise hi har mahine pay karnewale jobs kam hai. Agar aapne lekhan ki duniya mein acha naam kamaya hai tho newspapers mein lekhneko milsakta hai. Aaj ke duniya mein sirf books ya newspaper mein hi nahin balki internet pe blogs, articles publish kar sakte hai. Tho iss kshetr mein try karna thoda aasan ho gaya hai. Ab kuch logon ko shabdo ka istmal bahut asani se aata hai aur un logon ko lekhan mein madad milti hai aur jo shabdon se ache se nahi khel sakte unko bahut mehnat karna padta hai. Iss article mein kuch tips hai jo aapke lekhak banane mein madad kar sakti hai.

     

    Jitna ho sakta hai utna pade

    Dusron ke books padne ka matlab kisike ideas ya style ko chori kana nahin hai. Balki apne vyakaran aur ek lekhak ki structure ko samjna hai. Lekhne ke liye bahut hi sabar chahiye aur jitna padege utna aap ka ekaagrata aur sabar badega. Ache books pade jo purane legendary lekhak hai unke kaam pade aur aajkal ke bestseller books ke author ko pade aur apne style ko doond le. Apne manpasand vishay ke books pade ya aap jin vishayon par likna chahte hai un vishayon par pade aur parke ki kiski style ko follow karien ,kiski style se dur rahe.

     

    Vivid tarah ke lekh ke bare mein jaan le

    Upanyaas ya gair kalpana? lambe ya chhote roop hai? kitaaben, blogs, lekh, samaachaar patr ya saamaajik media? internet par likha media ke prasaar ke wajaise ek vishaal vividhata ke avsar maujood hain. Aap ko jo sahi lage use chune.

     

    Professional course karien

    Aap jis basha mein likna chahte hai us basha mein degree le sakte hai. Ek professional degreee aapke career ke liye acha neev ban sakta hai. Waise colleges or institutes se kai saare publishers aur lekhak ke duniya se realted log jude hote hai aur aapke talent ko jaldi pehchan mil sakti hai.

     

    Apne network badaye

    Logon se mile aur apna network badaye aur uss network ko yeh bataye ki aap writer hai aur aap kaam ke liye available hai. Apne social media profiles jaise facebook, twitter, LinkedIn par apne kaam ko darshay chahe usse paise mile ya na mile.

     

    Apne kaam ki sameeksha kare

    Agar aap book ya blog ya koi bhi article likna chahte hai tho apne draft ko phele kuch logon ko padne de. unke pratikriyaon par dhyan de . Aapke lekh ke vichar kuch logon ko acha lagega aur kuch logon ko nahi , apne subject se zyada aapne us vishay ko kaise pesh kiya hai uspe logon ki raay le.

     

    Apne lekh ka Vishay

    Ek continuous career banane ke liye aap ko kai sare lekh lekne padenge aur har lekh ko dilchazab rakna padega. Har kisi ka vishay doodne ka tarika alag hota hai.Kuch log ekant mein chale jate hai vishay doodne ke liye, kuch log desh ya duniya ghumte hai prerna ke liye, kuch log auron ke zindagi ke bare mein prerna lete hai. Aap jo bhi vishay chune uske bare mein ache se research karke likhe.

     

    Saahity sammelan attend karien

    Saahity sammelan kai baar lekhako ke sangathanon dwara ayojith hote ya koi samstha se ayojith hote hai jinme vyaakhyaan,networking sessions aur lekhan aur aalochna ke liye bhi alag samay hota hai.

     

    Ek niyamit karyakram banaye

    Apne lekhan ke session ke lie din, sthaan, aur vaataavaran kee ek vishesh samay kee sthaapana kare.Iss cheez se apne dimaag ka rachanaatmak paksh in parichit paristhitiyon mein kaam karane ke aadee ho jaega.Kuch log raat mein apne vichar lekthe hai aur kuch subhe, apne pasand ke time pe ek routine banaye.koi ek room, ya bench ya koi bhi jagah par likhe. Is parichit roop main kaam karne apne brain ko rachanaatmak aur takaneekee roop se kaam karane mein asan ho jate hai.

     

    Kaam ko poorn karien

    Duniya mein ek arab se aadhe upanyaas aur unse bhi zyada aadha-chhotee kahaaniyaan hain.Ek lakshy sthaapit karane aur use tikke rahe, chahe jitna mushkil lage. Apne lakshay par dhyan rakhe.

     

    Agar aap successful lekhak banna chahte hai tho sabse ahem chezz yeh hai ki aapko likna pasand ho, isse aapko kushi mile.

     

     

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  • Asked on February 24, 2017 in Career.

    Interview Ki Taiyari Kaise Kare

    RE: Interview की तैयारी कैसे करें ? How to Prepare for an Interview?

    Interview ki jab baat aati hai tho aap jitni taiyari kare utni kam hai. Interview ke success ke liye sahi research aur taiyari bahut zaroori hai. Jab aap achi taiyari karte hai tab interviewer ke sawal ka jawab sankshep mein aur spasht roop se dene mein saksham honge. Isse aap ka confidence badta hai. Aur confidence apne aap ko present karne mein bahut maine rakta hai. Aap jitni taiyar rahenge utna aap ka confidence badega. Taiyaar karne ke bare mein hamaare sheersh par sujhaav die gae hain

     

    Company ke bare mein research karien

     

    Interviewers ummedvarons se ummeed karte hai ki vah company ke bare mein achchhi samajh ho. Isse ummeddwar ke research karne ke kshmata pata chalti hai. Research karte time pata karien ki kitni badi company hai? kaise vibhaajit hai, company ke  graahak kaun hai? , aur unake mukhy pratiyogi kaun hain? saath hee company ke bheetar kisee bhee haal ke ghatanaakram ya yojana ke bare mein pata lagaye.Isse patachalta hai ki aapko company mein dilchazbi hai aur aapko baat karne mein confidence milega.

     

    Job ka vivaran pade

     

    Naukaree ka vivaran ya vinirdesh ke lie poochhen. yah aapako  naukri ki kartavyon aur jimmedaariyon ko samaj ne mein madad milegi. Jab aap naukri ke aavashyakataon ko samjhenge tho aapko interview mein uske anusar apne jawab ko tayar kar sakte hai. Waise tho job vivaran aapko interview amantran patr mil jana chahiye.

     

    Interview ka format pata karien

     

    Interview kai tarah ke hote hai, sirf aapke saath face to face, group interview, wrtitten test wagaira. Kabhi kabhi kuch companies pehle written test lete hai phir group interview aur phir final akele ka face to face interview. Pata lagaye ke kiss format ka interview hai aur uss ka samna karneke liye tayirai karien. aksar, yah jab aap interview ke lie aamantrit patrika mein samajhaaya jata hai aur agar iske bare mein koi jaankari nahin hai tho aap online pata lagane ki koshish kar sakte hai. Agar aap ko koi jankari nahin mile tho aap company ko contact karke pata lagane ki koshish karien.

     

    Saath mein lejane ki cheezien

     

    Aapke interview nimantran patr mein iske bare mein vistar mein dete hai ki kya lana jaroori hai par aam taur par le jaane ki kuch chezzien hai jise – aapke agaman par jis vyakti se milna hai uske details, Photo ID, aapki CV, application or interview nimantran patr, pareeksha pramaan patr, apane kaam ke udaaharan patr, aur apanee pichhalee saphalataon ke koi saboot, pen aur notepad ya paper, aur interview stal pahuchane ke liye uska rasta, kuch paise, pani ka bottle wagaira.

     

    Interview ke duaran

     

    Ek achchi chhavi banane ke lieye aam taur par appko,

     

    • prashno ka uttar spasht roop se dena chahiye

     

     

     

    • uchit kshanon mein praasangik aur socha uttejak savaal pooche, isse yah pata chalta hai ki aap vaastav mein bhoomika mein ruchi rakhate hain aur vaastav mein interviewer ko sun aur samaj rahe hai.

     

     

     

    • kisee bhee vyaktigat samasyaon ke baare mein baat na karien.

     

     

     

    • Interviewr ke saamne pechle employers ya company ki buraee na karien

     

     

     

    • pardarshit skaratmak body language banaye rake, beech beech mein muskuraye, eye contact banaye rakhe

     

     

     

    • Interviewer ko interview se pehle aur anth mein ek acha handshake de

     

     

     

    • svaabhaavik roop se chair par baite par sedhe baite aur jhuk kar na baite.

     

     

     

    • apane sabase achchhe gun, anubhav aur upalabdhiyon ko udharan ke saath bataye.

     

     

     

    • smaart vyaapaar poshaak ko aaraamadaayak polished jooton ke saath pehne.Dhyan rakhe ki aap saaf sutra dekhe. kapde light colour ke phene jisse aap professional dekhe.

     

     

     

    • Jitna ho utna utsaah dekhaye.

     

     

    Interview ke baad

     

    Interview katam hote hai koi shant jagah par baitkar jitna ho sake utna interview ke questions yaad karien aur unko lekee. Apne answers ko parkhe.Aur jin sawalon ke jawab nahin pata unko pata lagaye taaki woh agle interview mein kaam aa sake. Chahe aap successfull ho ya na ho har interview se sekhe ki khaha aap kamzor hai aur kaha aap ko zyada mehnat karni padegi. Interview ke baad aap apna feedback bhi maang sakte hai, kuch companies feedback dete hai aur kuch companies nahin dete jo nahin dete unpe zor na lagaye.Aur agar aap successfull hai tho aapko abhinandan.

     

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  • IMPS क्या होता हैं?

    IMPS की फुल फॉर्म (full form) तत्काल भुगतान सेवा “Immediate Payment Service. यह NPCI (National Payment Corporation of India) द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवा हैं जिसके द्वारा आप तुरंत Fund Transfer या Receive कर सकते हो| तुरंत पैसे भेजने हो या प्राप्त करने हो तो IMPS एक बेहतरीन सर्विस हैं जिसमें आप Real Time में Banking Transaction कर पाते हैं|

    IMPS is available 24X7 and even on holidays  – कभी भी पैसे ट्रान्सफर कीजिये, छुट्टी के दिन भी

    IMPS के द्वारा आप कभी भी किसी भी वक्त Money Transfer या Receive कर सकते हैं| यह सुविधा 24X7 उपलब्ध हैं| IMPS के द्वारा बैंक हॉलिडे के दिन भी मनी ट्रान्सफर की जा सकती हैं|

    RE: IMPS क्या हैं? IMPS से Money Transfer कैसे करें

    NEFT और RTGS से बेहतर

    IMPS अन्य Money Transfer Services जैसे NEFT और RTGS से बेहतर हैं क्योंकि NEFT में Money Transfer होने में समय लगता हैं| और RTGS में वैसे तो Real Time में पैसा ट्रान्सफर हो जाता हैं लेकिन RTGS 200000 से ज्यादा के Transaction के लिए ही उपलब्ध हैं|

    IMPS सेवा कैसे काम करती हैं ? How IMPS Transaction Works

    IMPS सेवा में यूजर के बैंक अकाउंट से कनेक्ट करने के लिए मोबाइल नंबर, MMID या आधार नंबर का उपयोग किया जाता हैं| जब यूजर IMPS सर्विस का उपयोग करता हैं तो सबसे पहले यूजर के मोबाइल नंबर MMID, या आधार नंबर के अनुसार यूजर के बैंक अकाउंट से संपर्क होता हैं फिर प्राप्तकर्ता के मोबाइल नंबर के आधार पर प्राप्तकर्ता के बैंक अकाउंट से संपर्क होगा हैं| इस तरह से फिर IMPS के द्वारा एक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में पैसे ट्रान्सफर होते हैं

    MMID क्या है –

    MMID का फुल फॉर्म Mobile Money Identification Number (MMID) होता हैं| यह IMPS सर्विस का उपयोग करने के लिए एक प्रकार का पहचान (आइडेंटिफिकेशन) नंबर होता हैं| यह सात डिजिट का एक यूनिक नंबर होता है जिसका उपयोग IMPS के द्वारा करके फण्ड ट्रान्सफर किया जाता है और पहले चार डिजिट बैंक जो आपको या सुविधा दे रहे है उसे सम्बंधित होता हैं|

     

    IMPS के द्वारा पैसा कैसे ट्रान्सफर करें? How to Transfer Money From IMPS

    IMPS के द्वारा पैसे ट्रान्सफर करने के कई सारे विकल्प मौजूद हैं| आप मोबाइल फ़ोन, App, ATM या Internet Banking के द्वारा भी IMPS सर्विस का उपयोग कर सकते हैं| IMPS सर्विस में आप दो तरह से Fund Transfer कर सकते हैं:-

     

    Money Transfer Using Mobile Number of Payee

     आईएमपीएस सर्विस में आप प्राप्तकर्ता के अकाउंट नंबर को जाने बिना भी मनी ट्रान्सफर कर सकते हैं और इसके लिए इन्टरनेट बैंकिंग की भी आवश्यकता नहीं हैं| आप मोबाइल पर या एटीएम पर प्राप्तकर्ता के बैंक अकाउंट में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और MMID नंबर दर्ज करके पैसे ट्रान्सफर कर सकते हैं|

    Money Transfer Using Account Number of Payee

     आप चाहें तो प्राप्तकर्ता के अकाउंट नंबर और IFSC कोड आदि की जानकारी के आधार पर भी money transfer कर सकते हैं|

     

    Ways to Transfer Money Using IMPS

     

    1.      Fund Transfer through Mobile

    इसके लिए आपको अपने बैंक अकाउंट में Mobile Banking Activate करवानी होगी| इसके बाद आप NPCI की USSD सेवा *99# सर्विस का उपयोग करके फण्ड ट्रान्सफर कर सकते हैं| इसके लिए आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से *99# डायल करना होगा जिसमें फण्ड ट्रान्सफर का आप्शन हैं जिसमें आप प्राप्तकर्ता के मोबाइल नंबर या बैंक अकाउंट की जानकारीडालकर पैसे ट्रान्सफर कर सकते हैं|

    2.      Fund Transfer through ATM

    इसके लिए आपका मोबाइल बैंकिंग होना जरूरी नहीं हैं| आप किसी भी एटीएम पर जाकर प्राप्तकर्ता के मोबाइल नंबर या बैंक अकाउंट की जानकारी भरकर पैसे ट्रान्सफर कर सकते हैं|

    3.      Fund Transfer through  Net Banking

    अगर आप नेट बैंकिंग का उपयोग करते हैं तो आसानी से IMPS का उपयोग कर सकते हैं|

     

    This answer accepted by Raman. on February 22, 2017 Earned 1 points.

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  • Asked on February 16, 2017 in Health In Hindi.

    कॉफ़ी पीने के 20 फायदे – Benefits of Drinking Coffee

    कॉफ़ी एक फायदे अनेक

    उत्तर भारत में काफी का ज्यादा प्रचलन नहीं है, परन्तु दक्षिण भारत में कॉफ़ी जीवन का अभिन्न अंग है.

    शोध से यह सिद्ध हो चूका है की जो लोग कॉफ़ी पीते है वो कई प्रकार की घातक बिमारियों के खतरे से बचे रहते है.

     

    Benefits of Drinking Coffee in Hindi

    1. कॉफ़ी पीने से मोटापा घटता है – Coffee Pine Se Motapa Kam Hota Hai

    कॉफ़ी में caffeine नाम का एक तत्त्व होता है जो की प्राकृतिक रूप से मोटापा कम करने में सहायक है.

    कई शोध में ये पाया गया है की caffeine आपके मेटाबोलिस्म 11% तक बढ़ा देता है, और बढे हुए मेटाबोलिस्म में आपका शारीर ज्यादा उर्जा का उपयोग करता है और शारीर में चर्बी जमा नहीं होती.

    कॉफ़ी की चर्बी जलाने की ताकत इतनी बढ़िया है की वो मोटे लोगो में 10% तक और पतले लोगो में 29% तक चर्बी को जला सकता है.

    कॉफ़ी में कितनी कैलोरी होती है ? – एक कप बिना शक्कर की ब्लैक कॉफ़ी में केवल 1 calorie होती है. तो मोटापा बढ़ाने वाले कोई कारक नहीं होते इसमे.

    एक बुरी बात जो है वो यह है की लम्बे समय तक कॉफ़ी पीने से उसके फायदे कम हो सकते है.

     

    2. कॉफ़ी उर्जा और दिमागी क्षमता को बढाती है

    कॉफ़ी का जो बेहतरीन तत्त्व है caffeine उसकी कार्य प्रणाली कुछ इस तरह है की कॉफ़ी पीने के कुछ ही देर में वो आपके खून में पहुच जाती है और यहाँ से आपके दिमाग में पहुचती है.

    दिमाग में येह एक हॉर्मोन Adenosine को कम कर देती है, इस वजह से दुसरे हॉर्मोन जैसे की Dopamine का स्तर बढ़ जाता है जो आपके दिमाग को जायदा सजग और जागृत बनता है इसलिए कुछ देर के लिए आपकी कार्यक्षमता बढ़ जाती है. (5)

    कई शोध में ये साफ़ हो गया है की कॉफ़ी आपके, याददास्त, सजगता, मूड और व्यवहार को बेहतर कर सकता है.

     

    3. कॉफ़ी शारीरिक कार्यक्षमता को भी बढ़ता है

    अगर आप ऐसा कोई कार्य कर रहे है जिसमे बहुत जयादा शारीरिक मेहनत की जरुररत पड़ती है तो कॉफ़ी इसमे मदद कर सकता है.

    caffeine आपके खून में Adrenaline नामक होरमोन का स्तर बढ़ा देता है. ये होरमोन आपके शारीर को अत्यदिक शारीरिक कार्य और दबाव के लिए तैयार करता है. (8)

    caffeine शारीर की चर्बी में मौजूद वशा की कोशिकाओं को फट रिलीज़ करने के सिग्नल देता है इस्ससे आपके खों में फ्री fatty एसिड की मात्रा बढ़ जाती है जो की इंधन के रूप में प्रयोग होती है.

    इन सभी कारणों से कॉफ़ी पीने से आपकी कार्यक्षमता 10% तक बढ़ जाती है.(9)

    जब भी कभी कोई बड़ा शारीरिक मेहनत का काम करने जा रहे हों, जैसे की कसरत करने तो इसके अध घंटा पहले एक कप कड़क कॉफ़ी पियें.

     

    4. काफी में पोषक तत्त्व होते है

    कॉफ़ी में caffeine के आलावा और भी पोषक तत्त्व होते है. जैसे की

    विटामिन B2, विटामिन B5, Manganese और potassium, Maganisium यह मात्रा शारीर की जरुरत को पूरा तो नहीं करती पर हां पोषण का एक श्रोत जरुर बन सकती है.

     

    5. कॉफ़ी मधुमेह कि सम्भावना को कम करता है

    टाइप 2 Diabetes (मधुमेह) एक बहुत ही बड़ी समस्या है, इसमें या तो सरीर मैं इन्सुलिन का स्राव नहीं होता या इन्सुलिन काम हहिं नहीं करती इस लिए खून में शक्कर की मात्रा बाद जाती है.

    इस विहाय में बहुत ही वृहद् स्टार आर शोध किया गया है और पाया गया है की रूज एक कप कॉफ़ी पीने वालों टाइप 2 मधुमेह हनी की संभावना 30% तक कम हो जाती है.

     

    6. कॉफ़ी अवसाद से बहार निकालने में मदद करता है

    Depression या अवसाद एक बहुत की कॉमन मानिसक बीमारी है पर इसके प्रति जागरूकता ना होने  के कारण  लोग इसे समझ नहीं पते है.

    ज्यादातर अव्साद्ग्रत लोगों को दुसरे समझ नहीं पते हैं और उनकी स्थिति और बिगड़ जाती है.

    वो महिलाएं जो रोजाना 4 कप काफी पीती है उनके लिए कॉफ़ी पीने के फायदे बहुत से है इन महिलाओं में अव्साद्रस्त हनी की संभावना 20% तक कम होती है.

    अगर आप ऐसा कुछ महसूस करते है तो कॉफ़ी बनाने की विधि जरुर सीखें और अपने लियें रोजाना बनाये.

    2 लाख से ज्यादा लोगों पर कए गए शोध से पता चला है की जो लोग रोजाना 4 कप कॉफ़ी पिटे है उनमें आत्महत्या करने की संभावना 53% तक कम होती है

     

    7. लीवर को बचाता है

    कई बिमारिय है जो लीवर तो नुक्सान पहुंचती है, जैसे की हेपेटाइटिस.

    कॉफ़ी के रोजन 4 कप आपके लीवर तो Chirosis नमक स्थिति से 80% तक का बचाओ कर सकता है.

     

    8. कॉफ़ी आपकी उम्र बढ़ता है

    बहुत वृहद् स्तर पर किये गए शोध से पता चला है की कॉफ़ी पीने से पुरुषों में 20% तक और महिलाओं में 24% आकस्मिक मृत्यु होने की संभावना कम हो जाती है १८ से 24 वर्षों के समय अंतराल में ये शोध किया गया है

    मधुमेह के रोगियों में ये फायदा और भो ज्यादा देखने को मिलता है.

    अगर आप मधुमेह रोगी है तपो एक चीज का दयां रखे कॉफ़ी बिना शक्कर के पियें.

     

    9. कॉफ़ी में Antioxidant होते है

    अभी आप यह जानिए की एंटीऑक्सीडेंट शारीर के लिए बहुत ही अच्छा तत्त्व होता है और इसकी सही मात्रा मिलती रहे तो आपका शारीर हस्त पुस्त और जवान बहा रहेगा.

    कॉफ़ी मियन एंटीऑक्सीडेंट की भरी मात्रा होती है यहाँ तक की फलों और सब्जियों से भी ज्यादा

    प्राकृतिक रूप से एंटीऑक्सीडेंट की भरी मात्रा वाला ये एक बहुत ही बढ़िया श्रोत है.

     

    10. कॉफ़ी कुछ कैंसर से बचाता है

    लीवर कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर डॉ ऐसे कैंसर है जिनसे कोफ्फे आपको बचा सकता है.

    शोध में पाया गया की कॉफ़ी पीने वाले लोगो में लीवर कैंसर हनी की संभावना 40 % तक कम हो गयी

    और कोलोरेक्टल कैंसर में ये अम्भावन 14 % तक कम हो जाती है

     

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  • Asked on December 19, 2016 in Blogging.

    ब्लॉग पर विज्ञापन लगाने से पहले यह बात ध्यान रखना चाहिए कि उस विज्ञापनों से आपको ब्लॉग के रीडर्स को बुरा नहीं लगना चाहिए | बाकि तो आप अपने ब्लॉग पर विज्ञापन लगा सकते हैं लेकिन आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि विज्ञापन से किसी को कोई नुकसान न हो और विज्ञापन भ्रामक न हो|

    जहाँ तक रही UC News की बात, तो मेरे हिसाब से UC News की तरफ से आपको कोई विज्ञापन की नहीं बल्कि पब्लिशर पार्टनरशिप का प्रपोजल आया होगा जिसके तहत आप अपने ब्लॉग की पोस्ट्स को UC News App में show कर सकते हैं, जिससे आपके ब्लॉग का ट्रैफिक बढेगा और UC News को आपकी पोस्ट्स से होने वाली advertisement earning को आपके साथ share किया आएगा|

    UC News के साथ वैसे तो पार्टनरशिप करने में कोई हानि नहीं है लेकिन कुछ बाते हैं जिन पर हम सभी ब्लोग्गर्स को मिलकर सोचना चाहिए –

    १. UC News और UC Browser चायना की कंपनी हैं

    २. UC News पर publish होने वाले लेखों को रिव्यू नहीं किया जा रहा और उसकी क्वालिटी बहुत ही घटिया हैं|

    ३. UC Browser से कोई भी व्यक्ति अगर हमारी वेबसाइट पर आता हैं तो उसे हमारे ब्लॉग पर कोई ads दिखाई नही देती क्योंकि UC News हमारे ब्लॉग पर show होने वाली सभी Ads को ब्लाक कर देता हैं जिससे हमें बहुत नुकसान होता हैं| हिंदी bloggers को UC Browser के कारण कम से कम 40% आय का नुकसान होता हैं|

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