अभिगोपक (underwriters) किसे कहते है?

क्या किसी कम्पनी को अपने अंशो व त्रणपत्रों का अभिगोपन (underwriting) करवाना जरूरी है ? कम्पनी अपने अंशो व त्रणपत्रों का अभिगोपन क्यों करती है ? क्या कम्पनी इसके बिना अपने अंश बेच सकती है ?

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    अभिगोपक का अर्थ (meaning of underwriters)

    अभिगोपक वे है जो कम्पनी को अंशो के अभिदान के संबंध मे गारंटी देते है | अभिगोपक एक व्यक्ति या व्यक्ति के समूह ,फर्म या कम्पनी के रुप मे हो सकते है | इनका नाम कम्पनी द्वारा अंशो हेतू निर्गमित प्रविवरण(prospectus) मे भी दिया जाता है | प्रविवरण एक प्रकार की विवरणिका है जो अंशो तथा निर्गमन के समय आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध करवाने हेतु वैधानिक रुप से निर्गमित की  जाती है | ऐसे प्रविवरण मे संचालको को, अभिगोपको की आर्थिक स्थिति के सम्बन्ध मे भी अपनी राय प्रकट  करनी होती है | और उन्हें यह भी उल्लेख करना होता है की यदि जनता द्वारा अंशो का पूर्ण निर्गमन प्राप्त नहीं होता है तो  अभिगोपक शेष अंशो को खरीद कर दायित्व की पूर्ति करने मे सक्षम होगे |Image result for underwriting image

    एक सार्वजनिक कम्पनी को व्यापार शुरु करने का अधिकार उस समय तक प्राप्त नहीं होता है जब तक की कम्पनी द्वारा निर्गमित अंशो के कम से कम 90% अंशो के लिए जनता से आवेदन प्राप्त नहीं हो जाते | ऐसी न्यूनतम राशि को न्यूनतम अभिदान (minimum subscription) कहते है | ख्याति प्राप्त कम्पनी की दशा मे भी यह जोखिम होती है की जनता से न्यूनतम अभिदान के बराबर राशि के लिए आवेदन प्राप्त होगे या नहीं | नई कम्पनीयों की दशा मे यह जोखिम और भी अधिक होती है | ऐसी दशा मे इस बात की आवश्यकता होती है की कोई व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह इस बात की जिमेदारी ले की जनता द्वारा न्यूनतम अभिदान के बराबर अंशो के आवेदन न करने पर ऐसा व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह शेष अंशो के लिए आवेदन करेगा | ऐसा व्यक्ति या व्यक्तियों के समूहको अभिगोपक (underwriters) कहते है | तथा ऐसे अनुबन्ध को अभिगोपन (underwriting) कहते है|

    अंशो का अभिगोपन इसलिए भी महत्वपूर्ण है की यदि एक कम्पनी को न्यूनतम अभिदान के बराबर राशी प्राप्त नहीं हुई तो कम्पनी को व्यापार प्रारम्भ करने का प्रमाण-पत्र (certificate of commencement of business) प्राप्त नहीं होगा | ऐसी दशा मे कम्पनी के प्रवर्तकों (promoters) द्वारा किये गये सारे प्रयास व्यर्थ हो जायेगे | अभिगोपन का कार्य बहुत ही जोखिम वाला है क्योकि यदि जनता द्वारा अंशो के लिए आवेदन नहीं किये गए तो शेष सभी अंशो व त्रणपत्र अभिगोपको को लेने होंगे | कई बार एक व्यक्ति इतनी जोखिम लेने मे अपने आप को असक्षम महसूस करता है अतः एक से अधिक व्यक्ति सम्मीलित रुप से अंशो के अभिगोपन का कार्य करते है | यह कम्पनी के हित मे भी होता है | क्योकि यदि समस्त अंशो का अभिगोपन एक व्यक्ति द्वारा किया जाये तथा वह व्यक्ति अंत मे शेष अंश न ले सके तो कम्पनी को भारी हानी वहन करनी होगी |Image result for underwriting image

    Answered on December 13, 2017.
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