ऊर्जा के संरक्षण के लिए पांच उपाय बताएं – Energy Saving Tips

रसोई गैस के इस्तेमाल करते हुए ऊर्जा संरक्षण के लिए कोई पांच उपाय बताएं

Add Comment
  • 2 Answer(s)
      Best answer

      ऊर्जा के संरक्षण के लिए उपाय

      विश्व में किसी भी देश में उघोग, आर्थिक विकास और सामाजिक उत्थान के लिए ऊर्जा आधार स्वरूप है। उत्पादन के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण लागत है ऊर्जा के बिना किसी देश के आर्थिक विकास और उसकी उन्नति की कल्पना नहीं की जा सकती। जीवन के हर क्षेत्र में ऊर्जा की जरूरत होती है। खाना बनाने, कारखाना चलाने, घर को कूल रखने, गाड़ियां चलाने, घर और बरतन साफ रकने के लिए हमें ऊर्जा की जरूरत होती है।

      आज के इस इलेक्ट्रॉनिक और अंतरिक्ष युग में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहुत तेजी से प्रगति हो रही है। उघोगों का भी तेजी से विस्तार हो रहा है, कारखानों और मिलों को चलाने के लिए ऊर्जा उपलब्ध न हो तो औद्योगिक विकास ठप्प हो जायेगा। इस प्रकार ऊर्जा का उत्पादन और उसकी उपलब्धता सभी देशों की प्रमुख समस्या है। इस समस्या से बचने के लिए व ऊर्जा की कम खपत के लिए या बचाने के लिए हम ऊर्जा के नए सोर्स की खोज और ऊर्जा संरक्षण द्वारा कर सकते है। बचाई गई ऊर्जा अर्जित ऊर्जा है

      ऊर्जा के संरक्षण के लिए हम निम्न उपाय कर सकते है:

      () विघुत: 1. प्रयोग के बाद घरेलू उपकरण जैसे बल्ब, पंखा, कूलर, और एयर कंडीशनर आदि को सर्वदा बंद करें। 2. प्रकाश क साधन जैसे बल्ब और ट्यूब आदि धुल रहित होने चाहिए। 3. दीवारों और छतों पर हल्के रंगों का प्रयोग करना चाहिए। 4. ऊर्जा क्षति को कम करने के लिए प्रयोग किये जाने वाली तारों का आकार एवं श्रेणी मानक होने चाहिए। 5. सूर्य के प्रकाश का उपयोग अधिकाधिक करना चाहिए और सजावटी प्रकाश को कम से कम प्रयोग करने चाहिए। 6. रेफ्रिजिटर को समय समय पर डिफ्रॉस्ट करते रहना चाहिए।

      () खाना बनाने की गैस: 1. साफ बर्नर का उपयोग करें और खाना प्रेशर की सहायता से प्रेशर कुकर में पकाएं 2. केटली तथा बर्तनों को पानी उबलने के लिए आवश्यकता से अधिक काम में न लाएं। 3. खाना पकाना शुरू करने से पहले हर एक चीज तैयार रखें और खाना पकाना शुरू करने से पहले पदार्थ को पानी में भिगो लें। 4. चौड़े तथा कम गहरे बर्तन काम में लाएँ और गर्म करते समय बर्तनों पर ढक्क्न रखें। 5. फिर से जलाने की बचत के लिए गैस को चालू न रखें और बर्तन के अन्दर की वस्तु उबलते ही ताप को कम कर दें। 6. जब गहरे ताप की आवश्यकता होती हो तो केवल बड़े बर्नर को काम में लायें , छोटे बर्नर को ज्यादा काम में लायें।

      () वाहनों में ऊर्जा संरक्षण:

      1. तेल में बचत के लिहाज से वाहन की गति 40-60 KM प्रति घंटा हो। तेज गति से वाहन चलाने पर तेल हवा के अधिक प्रतिरोध के कारण तेल खपत अधिक होती है।  प्रयोगों से पता चलता है की 40 KM प्रति घंटा की चाल से चलने पर 40% तेल की बचत होती है।

      2. वाहन की गति को बार बार बढ़ाने, घटाने, तथा ब्रेक लगने से इंजन में तेल की शक्ति का विनाश होता है जिससे तेल की खपत होती है, अत: वाहन को एक ही गति से चलना चाहिए।

      3. उचित चाल से गियर परिवर्तन से 20% तक तेल की बचत की जा सकती है। गियर बदलते समय ही क्लच का प्रयोग करना चाहिए,  क्योंकि बारबार गियर बदलने से तेल की खपत बढ़ जाती है तथा क्लच प्लेट भी जल्दी ख़राब हो जाती है।

      4. वाहन को एक मिनट से अधिक अंतराल में रुकाव पर बंद कर देना चाहिए, क्योंकि खड़े वाहन को स्टार्ट रखने से तेल व्यर्थ में फूँकता है।

      5. गंतव्य स्थान पर पहुँचने के लिए छोटे से छोटे तथा कम से कम भीड़ वाला रास्ता छाँटना अत्यधिक लाभप्रद होता है, क्योंकि भीड़ भाड़ वाली सड़को पर साधरण सड़क से दो गुना तेल खर्च हो सकता है।

      () औद्योगिक प्रकाश में ऊर्जा संरक्षण:

      औद्योगिक प्रकाश में ऊर्जा के संरक्षण व बचत के लिए निम्नलिखित उपायों की सिफारिश की जाती है:

      1. अधिक कुशल आधुनिक प्रकाशों का उपयोग करें उदाहरण के लिए एक 80 वाट हाई प्रेशर मर्करी वेपर लैंप उसी स्तर की रौशनी देता है जितनी एक 200 वाट टंग्स्टन लैंप।

      2. रौशनी नियत्रकों को सुधारने या दुबारा से प्रकाश की व्यवस्था करें ताकि आवश्यक स्तर पर प्रकाश, फिजूल खर्च को रोकते हुए मिल सके।

      3. जब कभी प्राकृतिक रोशनी पर्याप्त हो, फोटो सेल स्विच को स्थापित करें ताकि रौशनी को निकाला जा सके।

      4. सभी प्रकाश प्रतिबिंबित करने वाले धरातल तथा ढकने वाले माध्यमों को साफ रखें।

      5. दरवाजे के रास्ते में अथवा पैनल बोर्ड के नजदीक स्थापित स्विच का प्रयोग करें।

      वातानुकूलित सिस्टम में ऊर्जा संरक्षण के उपाय:

      ऊर्जा के नुकसान को बचने के लिए निम्न सुझाव दिए गए है:-

      1. वातानुकूलित स्थान न्यूनतम होना चाहिए।

      2. दरवाजे खुले न रखे स्वचालित बंद होने वाले दरवाजे का प्रयोग करें।

      3. जहाँ सम्भव हो वहाँ पानी छिड़कर, छत को ठण्डी करने की विधि को काम में लायें।

      4. वातानुकूलित इमारत में कम से कम खिड़की हो, उन खिड़कियों में कांच की मोटी चादरें लगाएं।

      5. भीतरी छत की लम्बाई 3 मीटर रखनी चहिए यदि आवश्यक हो तो एक नकली छत लगाई जा सकती है।

      Add Comment

        “उर्जा संरक्षण बहुत जरुरी है और इसकी शुरूआत अगर हमसे हो तो कितना अच्छा होगा तो उर्जा को बचने के लिए पहले हमे खुद से ही शुरू करना होगा अगर हम सुधरेंगे तो दुसरो को भी हम सुधर सकेंगे हम लोग ही घर में बल्ब ,वाटर पंप ,और फेन आदि को खुला छोड़ देते है इस लिए पहले हमे खुद कि आदत में सुधर लाना है  तबी हम दुसरो को सिखा पाएंगे तो में बताती हूँ उर्जा संरक्षण के कुछ उपाए जिनको आप भी अपनाकर उर्जा को बचा सकते है  जैसे:-

        •    पहला उपाए है कि पानी कि टंकियो में पानी जाने के लिय टाइमर को उपयोग करे  यह में बताना छुंगी टाइमर से मतलब है जो मार्किट में आपको आसानी से मिल जाते है उसमे क्या होता है कि आपकी पानी कि टंकी भर जाती है और आपको पता भी नही चलता है टाइमर को लगाकर  ये फ़ायदा है कि जब भी आपके पानी कि टंकी भर जाएगी तो अलार्म बज जायेगा जिससे आपको पता चल जायगा कि टंकी भर गई है इससे आप पानी क्र व्यर्थ व्यय को रोककर विद्युत उर्जा को बचा सकते है                                   
        •  अपने घरो में 100 वाट के बल्ब के स्थान पर c .l .f (सी .एल .एफ ) लगाये और 74 से 80 प्रतिशत उर्जा बचाये साथ ही यह        साधारण बल्ब कि जगह 8 गुणा ज्यादा चलते है                                                                                                                                                   
        •  अपने कमरों में हल्के रंगों को करना चाहिए क्यूंकि ज्यदा गहरे रंग के लियो आपके कमरों में ज्यादा वाट के बल्ब,और ट्यूब कि     जरुरत  पड़ती है हलके रंग करने से कम वाट में भी कमरों में ज्यादा रौशनी रहेगी इसलिए अमरो में हल्के रंग करने चहिये               
        •  बल्ब व ट्यूब लाइट्स पर जमी धुल को नियमित रूप से साफ करना चाहिए पंखो कि धुल को भी और उनमे ओइलिंग ,ग्रीसिंग भी  समय समय पर कृते रहना चाहिए और पुराने रेगुलेटर कि जगह नये व इलेक्ट्रॉनिक रेगुलेटर लगाये ऐसा करने से 20 प्रतिशत    से 30 प्रतिशत तक उर्जा को हम बच्चा सकते है                                                                                                                                                   
        •  फ्रिज का दरवाजा बार बार खोलना बंद करना नही चाहिए क्या होता है कि कबी कबी हम लोग ही क्या करते है कि थोड़ी थोड़ी देर    बाद सामान निकलते रहते हजबकि हमे जरुरत का समान एक ही बार निकल लेना चाहिए इसको बार बार खोलने बंद करने से       बिजली ज्यादा खर्च होती है

         

        रसोई गैस के इस्तेमाल में उर्जा संरक्षण –

          • खाना बनाने के लिए हमको उर्जा श्रमतावाले चूल्हों का इस्तेमाल करना चाहिए

         

          • हमे खाना बनाते समय ये ध्यान रखना चहिये कि खाने को हमेशा ढक कर बनाना चाहिए इससे खाना बनाते समय उर्जा कि बचत होती है

         

          • हमे खाना बनाने के लिए प्रेशर कुकर का उपयोग करना चहिये

         

          • खाना बनाने से पहले कुछ सामान को बहुत देर में गलने वाले होते है उनको भिगोकर रखे ताकि वो ज्यादा समय नही लेंगे और उर्जा भी काम लगेगी

         

          • खाना बनाने के लिय बिजली के इस्थान पर सोलर कुकर व गर्म पानी करने में गीजर के स्थान पर सोलर वाटर हीटर का उपयोग करे

         

         

        ध्यान रखे इससे उर्जा कि ही नही बल्कि आपकी भी बचत होती है आपकी ही बिजली का बिल काम आएगा साथ ही उर्जा बचाने में अपना सहयोग दे …..!

        Answered on May 17, 2017.
        Add Comment

        Your Answer

        By posting your answer, you agree to the privacy policy and terms of service.