कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम क्या है? What is Employees State Insurance Act?

कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के क्या लाभ हैं?

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    कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम

    कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, वर्ष 1948 में लागु हुआ। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियो जिनकी आय 1000 रूपये से कम है। उनकी बीमारी की हालत में, चोट लगने की हालत में और औरत वर्कर को प्रसूति की हालत में लाभ प्रदान करना है। इस एक्ट के अनुसार निम्नलिखित लाभ उन वर्करों को देय है जिनकी आमदनी 1000 रूपये से कम है और जिनका सरकारी बीमा हुआ है।

    1. स्वास्थ्य सम्बन्धी लाभ (Medical Benefit) 2. बीमारि लाभ (Sickness benefit) 3. प्रसूति लाभ (Maternity Benefit) 4. कार्य न करने योग्य रहने का लाभ (Disablement benefit) 5. आश्रित लाभ (Dependent Benefit) 6. अत्येष्टि लाभ(Funeral Benefit)

    कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के अंतर्गत सारे लाभ लेने के लिए बीमित व्यक्ति को बहुत कम राशि साप्ताहिक भुगतान करनी पड़ती है जोकि सबके लिए सामान नहीं होती हैयह कर्मचारी के वेतन के मुताबिक देनी पड़ती हैकुछ भाग नियुक्ता देते है तथा इस प्रकार इक्क्ठी हुई राशि कर्मचारियों के हित पर ही खर्च की जाती है

    कार्यक्षेत्र: यह अधिनियम सम्पूर्ण भारत में उन सरकारी व गैरसरकारी कारखानों पर लागु होती है जिसमे 20 या उससे अधिक श्रमिक कार्य करते है तथा जहां निर्माण प्रकिया में बिजली का प्रयोग होता है। परन्तु यह अधिनियम कोयला खानों तथा रेलवे लोको शैड के श्रमिकों पर लागू नहीं होतापरन्तु यह मौसमी कारखानो पर भी लागू नहीं होता

    कर्मचारी राज्य बीमा निधि
    अधिनियम की धारा 26 के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा निधि से सम्बन्ध में निम्न उपबंध प्रस्तुत किये गये है:-

    1. इस अधिनियम के अधीन दिए गए सभी अंशदान और निगम की और से प्राप्त अन्य सभी धन कर्मचारी राज्य बीमा निधि नामक निधि में जमा किये जाते है जो इस अधिनियम क उद्देश्यों की पूर्ति हेतु निगम द्वारा धारित और प्रशारित की जायेगी

    2. निगम, केन्द्रीय या राज्य सरकार , किसी स्थानीय प्राधिकारी, व्यक्ति या निकाय से, चाहे वह निगमित हो या न हो, इस अधिनियम के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अनुदान, अधिदान और दान प्राप्त कर सकेगा

    3. कर्मचारी राज्य बीमा निधि को प्राप्त या देय सभी धन, भारतीय रिज़र्व बैंक या या ऐसे अन्य बैंक में जो केन्द्रीय सरकारी द्वारा अनुमोदित किया जाय, कर्मचारी राज्य बीमा निधि खाते में जमा किये जायेंगे

    4. कर्मचारी राज्य बीमा निधि का उपयुक्त खता ऐसे अधिकारियों द्वारा संचालित किया जायेगा, जिन्हे स्थायी समिति निगम के अनुमोदन की शर्त पर अधिकृत किया गया हो

    कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के लाभ

    1. स्वास्थ्य सम्बन्धी लाभ (Medical Benefit)

    इसमें श्रमिकों को सेवा निवृति के उपरांत चिकित्सा लाभ की नि:शुल्क व्यवस्था का अधिकार होता हैइसके अतिरिक्त श्रमिकों के परिवार के सदस्यों तथा अन्य आश्रितों को भी यह सुविधा प्रदान की जाती है

    2. बीमारि लाभ (Sickness benefit)

    बीमारी का लाभ श्रमिकों को एक वर्ष में 8 सप्ताह तक प्राप्त होता हैऐसा व्यक्ति इस लाभ के लिए निम्नलिखित अवस्थाओं में इस लाभ का पात्र होगा:-

    1. किसी लाभ अवधि के दौरान बीमारी
    2.
    यह लाभ तभी देह होगा जब कोई बिमाशुदा व्यक्ति कम से कम 13 सप्ताह तक कर्मचारी बीमा योजना के अंतर्गत अंशदान करता रहता है।

    यदि किसी बीमार व्यक्ति को खासी लम्बी अवधि की बीमारी हो तो वह 124 दिन से 309 दिन आगे तक दैनिक औसत मजदूरी 62.5 ऊँची दर पर बढ़ी हुई बिमारी का लाभ लेने का हक़दार है

    परिवार नियोजन का ऑप्रेशन करवाने पर पुरुष श्रमिक को 6 दिन व महिला श्रमिक को 14 दिन के लिए सामान्य बीमारी लाभ की दर का दुगुना लाभ दिया जाता है।

    3. प्रसूति लाभ (Maternity Benefit)

    इसके अंतर्गत महिलाओं को प्रसूति की अवस्था में जो लाभ मिलता है वह प्रसूति लाभ कहलाता हैप्रसूति अवस्था का लाभ 12 सप्ताह तक मिलता हैप्रसव काल में 6 सप्ताह पूर्व व 6 सप्ताह बाद तक प्रसव अवकाश दिया जाता हैइसके अतिरिक्त गर्भावस्था में औषधि तथा अन्य उपचार की सुविधाएं प्रदान की जाती है

    4. कार्य न करने योग्य रहने का लाभ (Disablement benefit)

    यदि कोई श्रमिक कार्य के दौरान दुर्घटना का शिकार हो जाता है और उसके फलस्वरूप स्थाई अयोग्यता आ जाती है तो इस लाभ का अधिकारी हो जाता हैआंशिक अयोग्यता की दशा में श्रमिक को क्षतिपूर्ति की दर के अनुसार लाभ प्राप्त होता है

    5. आश्रित लाभ (Dependent Benefit)

    अगर कार्य के दौरान किसी श्रमिक की मृत्यु हो जाती है तो आश्रितों को सामयिक पैंशन भुगतान प्राप्त करने का अधिकार होता हैमृतक की विधवा को जीवन पर्यन्त जब तक वह दोबारा शादी नहीं करती पूर्ण दर का 2/5 भाग के बराबर धनराशि प्राप्त करने का अधिकार हैश्रमिक के अन्य आश्रितों को 3/5 भाग के बराबर धनराशि प्राप्त करने का अधिकार है। यह अधिकार शिक्षा प्राप्त कर रहे लड़के व लड़कियों को 18 वर्ष की आयु तक और यदि शिक्षा प्राप्त नहीं कर रहे है तो 15 वर्ष की आयु तक प्राप्त होता है।

    6. अत्येष्टि लाभ(Funeral Benefit)

    यह लाभ श्रमिकों के परिवार को अंतिम संस्कार क्रिया पर व्यय के लिए दिया जाता है अत्येष्टि के रूप में 100 रूपये प्रदान किये जाते है

     

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    कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम – कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 के अंतर्गत समाज कि सुरक्षा हेतु यह कार्यक्रम पहले प्रधानमंत्री प० जवाहर लाल नेहरु ने 24   फ़रवरी 1952  को कानपूर नगर में हुआ था  यह उन कर्मचारियोंर लागु है जिनका महीने का वेतन 15000  रुपए है इस योजना के अंतर्गत covered workers के वेतन से 1.75 प्रतिशत  तथा service provider  से  covered workers के वेतन का 4.75  प्रतिशत प्रत्येक महीने कि दर से कर्मचारी राज्य बीमा अंशदान कर्मचारी  राज्य बीमा निगम भारत  सरकार के खाते में जमा होता है वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 1357146 व्यक्ति इस बीमा योजना के अंतर्गत है साथ ही उनके घरवालो को चिकित्सा प्रदान कि जाती है जैसे एलोपेथिक ओषधिया,आयुर्वेदिक ,और होमेय्पैथिक आदि

    लाभ ( benefits )- इस योजना के अंतर्गत कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान किये जाते है जो इस प्रकार है : चिकित्सा लाभ , बीमारी  लाभ .प्रसूति लाभ ,अपंगता हितलाभ , आश्रित जन हितलाभ ,अंत्येष्टि लाभ

    चिक्तिसा लाभ-यह सरकार कि अधिकार होता है कि उनको चिक्तिसा का लाभ प्रदान कराए इस योजना में आते कि बीमा वाले व्यक्ति और उसके परिवार वालो को चिकत्सा कि सुविधा देना उनको दवाईयों आदि उपलब्ध करना

    बीमारी हितलाभ –इसमें नकद रूप से कर्मचारी राज्य बीमा निगम दुवारा उपलब्ध कराया जाता है बीमा किये व्यक्ति को बीमारी कि अवस्था में नकद भुगतान के रूप में देय है कुछ शर्त होती है कि वह व्यक्ति कार्य से अनुपस्थित रहा हो और बीमा चिकत्सा दुवारा प्रमाणित कि गई हो इसका भुगतान बीमारी प्रमाणीकरण  से 7 दिन के अन्दर हो जाता है और देनिक मजदूरी 50 प्रतिशत से कम नही होती

    प्रसूति लाभ: महिला को प्रसूति या गर्भपात या उससे सम्बंधित बीमारियों के रूप में सहायता मिलती है और इसका भुगतान कर्चारी बीमा निगम दुवारा 14 दिनों के अन्दर कर दिया जाता है

    अपंगता : व्यक्ति को चोट लगने या व्यवसायिक रोग के कारण अपंग हुए हो तो उस व्यक्ति को देय दिया जाता है बस दुर्घटना कि तारीख और व्यक्ति बिमंकित कर्मचारी होना चाहिए  इसका भुगतान एक माह के अन्दर किया जाता है

    आश्रित लाभ :-आश्रित का मतलब जब घर के परिजन बिमंकित व्यक्ति पर कि निर्भर होते है इस मामले में जहा चोट या रोग से मृत्यु हो जाती है तो ऐसे में  उसकी मृत्यु के पश्चात ३ महीने के अन्दर नियमित रूप से प्रतिमाह भुगतान दिया जाता है

    Answered on May 12, 2017.
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