पर्यावरण विज्ञान क्या है? What is Environmental Science?

पर्यावरण विज्ञान के महत्व क्या हैं?

पर्यावरण विज्ञान के अवयव क्या हैं?

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      पर्यावरण विज्ञान (Environmental Science)

      पर्यावरण के अध्ययन के विज्ञान को पर्यावरण विज्ञान कहा जाता है। पर्यावरण विज्ञान का वह क्षेत्र, जिसमें पर्यावरण के भौतिक, रासायनिक और जैविक घटकों के संबंधों का अध्ययन किया जाता है और पर्यावरण में जीवों के साथ इन घटकों के प्रभावों और रिश्तों का भी अध्ययन होता है।

      पर्यावरण विज्ञान में कई विषयों से जानकारी और विचार शामिल हैं और पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान का पता चलता है। प्राकृतिक विज्ञान के भीतर, जीव विज्ञान, भूविज्ञान, पारिस्थितिकी, महासागरीय विज्ञान और रसायन विज्ञान जैसे क्षेत्रों को पर्यावरण विज्ञान में शामिल किया गया है। इसमें सामाजिक विज्ञान और मानविकी के field भी शामिल हैं। सामाजिक विज्ञान क्षेत्र में भूगोल, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान शामिल हैं। मानविकी में दर्शनशास्त्र और नैतिकता क्षेत्र शामिल हैं।

      पर्यावरण विज्ञान एक ऐसा अकादमिक विषय है जो प्राकृतिक प्रणालियों और मानवीय प्रणालियों के बीच अध्ययन से संबंधित है।

      1. प्राकृतिक प्रणालियों में धरती और जीवन शामिल है और

      2. मानव प्रणालियां मुख्यतः पृथ्वी की आबादी हैं।

      पर्यावरण विज्ञान का महत्व (Importance of Environmental Science)

      1. पर्यावरण विज्ञान आपको यह सिखाता है कि ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, ओजोन परत की कमी, जैव विविधता, एसिड बारिश, धरती और समुद्री जीवन पर होने वाले पर्यावरणीय समस्याएं बहुत बड़ी समस्या है, इसलिए, इन समस्याओं से निपटने के लिए पूरे विश्व को विचार करना चाहिए और अच्छे समाधन खोजने चाहिए।

      2. पर्यावरण पर विकास के प्रभावों को समझने के लिए पर्यावरण विज्ञान सिखाने का प्रयास करता है।

      3. मानव आबादी के कारण, प्राकृतिक संसाधनों और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के उपयोग में वृद्धि हुई है और प्राकृतिक संसाधनों और पारिस्थितिकी तंत्र को हम बहुत तेजी से इस्तेमाल कर रहे है। प्राकृतिक संसाधनों का कुशल उपयोग नहीं किया जा रहा है। पर्यावरण विज्ञान हमें सिखाता है कि प्राकृतिक संसाधनों को कुशलता से उपयोग कैसे किया जाता है?

      ->मानव संसाधनों का पूरी तरह से प्रशिक्षण

      ->प्राकृतिक परिस्थितियों में जीवों के व्यवहार को समझना

      ->संसाधनों का पता लगाने के लिए सही उपकरण का उपयोग करना

      ->शोषण को कम करने के लिए सही तकनीकों का उपयोग करना

      ->प्रभावी और कुशल पर्यवेक्षण का प्रावधान

      4. पर्यावरण विज्ञान हमें सिखाता है कि जैव विविधता का संरक्षण कैसे करें। जैव विविधता के नुकसान की वर्तमान दर उच्च स्तर पर है पर्यावरण विज्ञान का उद्देश्य लोगों को इस प्रवृत्ति को कैसे बदलना है: 1. शक्ति का संरक्षण करना 2. जैविक खाद्य पदार्थों का उपयोग करना 3. स्थायी लकड़ी के उत्पादों का उपयोग करना 4. मांस की खपत को कम करना 5. पर्यावरण के अनुकूल सफाई उत्पादों का उपयोग करना

      जीवों और इंसान एक दूसरे पर निर्भर करते हैं। पर्यावरण विज्ञान महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आपको जीवित रहने में सक्षम बनाता है। उदाहरण के लिए, पौधे मनुष्यों और जानवरों के लिए भोजन के स्रोत हैं मनुष्य कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकलते हैं, जो पौधों के लिए प्रकाश संश्लेषण में आवश्यक होती है। दूसरी तरफ, पौधे, वातावरण को ऑक्सीजन का उत्पादन और रिहाइयां करते हैं, जो मनुष्यों को श्वसन में आवश्यक होती है।

       

      पर्यावरण विज्ञान के अवयव (Components of Environmental Science)

      1. परिस्थितिकी(Ecology): पारिस्थितिकी जीवों का अध्ययन है जिसमें पर्यावरण की स्थिति और एक विशेष प्रजाति की जनसंख्या के बीच के संबंधों का अध्ययन किया जाता है।जैसे कि, पक्षियों की प्रजातियां, पक्षी की आबादी बढ़ रही है या घट रही है। पक्षियों या पक्षी के रहने के लिए जंग में निवास स्थान उपयुक्त है या न

      2. जियोसाइंस (Geosciences): मृदा विज्ञान, ज्वालामुखी, भूविज्ञान और पृथ्वी की पपड़ी के अध्ययन से संबंधित है क्योंकि वे पर्यावरण से संबंधित हैं। जिसमें वैज्ञानिक पृथ्वी की सतह के क्षरण का अध्ययन, पर्यावरण में पौधों और जानवरों के प्रभावों का अध्ययन, पानी में क्षरण के कारण प्रकाश संचरण में परिवर्तन का अध्ययन, मिट्टी में पानी के प्रवाह पर गणना का अध्ययन करते हैं।

      3. वायुमंडलीय विज्ञान (Atmospheric Science): वायुमंडलीय विज्ञान पृथ्वी के वायुमंडल का अध्ययन है जिसमें पृथ्वी के वायुमंडल के संबंध का विश्लेषण, अंतरिक्ष, ज्योतिष और पृथ्वी के वायुमंडल से संबंधित वैज्ञानिक अध्ययन, मौसम विज्ञान, प्रदूषण, गैस उत्सर्जन और हवाई प्रदूषण का अध्ययन शामिल है।

      4. पर्यावरण रसायन विज्ञान (Environmental Chemistry): पर्यावरणीय रसायन विज्ञान वातावरण में होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन है जिसमें मिट्टी वायु में रासायनिक पदार्थ की मात्रा, पानी के प्रदूषण, मिट्टी का प्रदूषण, रसायनों के क्षरण, और तत्काल पर्यावरण के पौधों और जानवरों पर रसायनों का परिवहन का अध्ययन शामिल है।

       

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        “पर्यावरण विज्ञान”

        पर्यावरण का अध्ययन पर्यावरण विज्ञान कहलाता है ।
        पर्यावरण के अध्ययन में हम विभिन्न प्रकार के जीव – जंतुओं , वनस्पति, वातावरण इत्यादि का अध्ययन करते हैं । इनको सम्मिलित रूप से पर्यावरण अध्ययन या पर्यावरण विज्ञान कहते हैं ।

        इसके अंतर्गत पेड़ पौधों का अध्ययन किया जाता है । पेड़ पौधों से हमें औषधि प्राप्त होती है और इससे हमारे विभिन्न प्रकार के रोग ठीक हो जाते हैं । पर्यावरण के अध्ययन से पता चलता है कि हमारे पर्यावरण में या वातावरण में क्या क्या परिवर्तन हो रहा है ।जो हमारे लिए लाभदायक या हानिकारक है । हानिकारक होने पर हम उस समस्या के लिए तैयार हो सकते हैं । हम उस समस्या का समाधान भी कर सकते हैं ।

        इससे यह भी पता चलता है कि भविष्य में पर्यावरण से संबंधित कौन-कौन सी समस्याएं सामने आ सकती हैं, पर्यावरण का अध्ययन आवश्यक है क्योंकि हम इसी पर्यावरण में रहते हैं और इसी का एक हिस्सा हैं । अगर पर्यावरण पर कोई प्रभाव पड़ता है, दुष्प्रभाव हो या अच्छा प्रभाव हो इसका सीधा प्रभाव हम पर पड़ेगा , हम से जुड़ी चीजों पर पड़ेगा ।

        वर्तमान में पेड़ों को काटा जा रहा है ।आवास निर्माण के लिए, फैक्ट्री निर्माण के लिए या अन्य उद्योग धंधों के लिए वनों की कटाई की जा रही है । जिससे पेड़ पौधों की कमी हो रही है , परिणाम स्वरुप अनेक क्षेत्रों में सूखा, अधिक गर्मी, ऑक्सीजन की कमी इत्यादि प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं । प्रमुख रूप से इंसान ही पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है । पर्यावरण संरक्षित करने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं । संरक्षित करने के क्षेत्र में जितने कार्य किए जा रहे हैं, उससे ज्यादा प्रदूषण फैलाया जा रहे है ।
        जिससे इंसान पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है ,कहने का अर्थ यह है कि पर्यावरण के अध्ययन में हम अपने आसपास के विभिन्न प्रकार के वातावरणीय परिवेशों का अध्ययन करते हैं ।

        • पर्यावरण दो प्रकार के होते हैं :-
        1. भौतिक पर्यावरण – इसमें स्थलमंडल जलमंडल व वायुमंडल आता है ।

        2. जैविक पर्यावरण – इसमें वनस्पतिक पर्यावरण व जंतु पर्यावरण आता है ।

        Answered on April 23, 2017.
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