ब्लॉग की भाषा

    मैं अभी बैंगलोर में रहती हूं यहां काफी सारे ब्लॉगर है जो मेरे दोस्त भी है जो इंग्लिश में ब्लॉगिंग करते है लेकिन अब हिंदी की तरफ आ रहे है इसका मतलब क्या है इंग्लिश से अच्छा हिंदी है??

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      कोई भी भाषा अच्छी या बुरी नहीं हो सकती लेकिन उसके अपने उपयोग और फायदे-नुकसान होते हैं| पहले लोग अंग्रेजी भाषा में ब्लॉग्गिंग करते थे क्योंकि हिंदी भाषा में पैसे कमाने का कोई तरीका नहीं था और हिंदी में पढ़ने वाले भी कम थे|उसके बाद गूगल एडसेंस ने हिंदी भाषा की वेबसाइट को सपोर्ट किया और फिर जिस तरह से भारत में मोबाइल और इन्टरनेट की पहुँच बढ़ी हैं उससे हिंदी भाषा में कंटेंट पढ़ने वाले तेजी से बढ़े और आज शायद भारत में इन्टरनेट पर अंग्रेजी से भी ज्यादा हिंदी भाषा का कंटेंट उपभोग किया जाता हैं|

      कुल मिलाकर भारत में हिंदी ब्लॉग विजिटर या पाठकों की संख्या ज्यादा है, इसी कारण ज्यादात्तर लोग हिंदी भाषा को अब तवज्जो देनें लगे हैं| लेकिन यह आपको ब्लॉग बनाने के उद्देश्य पर निर्भर करता हैं कि भाषा कौनसी होनी चाहिए क्योंकि हिंदी कंटेंट की पहुँच अधिक हैं लेकिन हिंदी ब्लोग्स की कमाई बहुत ही कम हैं क्योंकि हिंदी ब्लोग्स के लिए Adsense ही मुख्य साधन हैं जिसकी हिंदी Keywords की  CPC बहुत ही कम हैं| मैंने पहले भी ऐसे कुछ प्रश्नों का उत्तर दिया हैं जिसे आप इन लिंक्स पर देख सकते हैं –

      क्या आपको लगता है कि हिंदी ब्लॉग्गिंग का भविष्य सुनहरा है ???

      Hindi vs Hinglish – हिंदी में ब्लॉग्गिंग करें या हिंगलिश में

       

      Answered on August 10, 2017.
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        देखिए इसके पिछते सिर्फ दो ही कारण हो सकते है. पहला और सबसे महवत्पूर्ण कारण की अब हिंदी में ब्लॉगिंग शुरू हो गई है. क्यूंकि पहले गूगल हिंदी ब्लॉग को सपोर्ट नहीं करता था. लेकिन अब हिंदी को गूगल से सपोर्ट मिलने के बाद अब हिंदी ब्लॉगिंग में भी इनकम के आसार है. सिर्फ आसार ही नहीं है, बहुत ज्यादा आसार है. आज कल लोग अब अपनी हिंदी वेबसाइट भी बना रहे है और कमा रहे है.अब वो टाइम गया जब गूगल सिर्फ इंग्लिश ब्लोग्गेर्स को सपोर्ट करता था.

         

        और दूसरा कारण ये भी हो सकता है, की वो लोग जो इंग्लिश में ब्लॉग कर रहे थे, उनकी ब्लॉग गूगल के पैरामीटर के हिसाब से सही नहीं बैठ रही हो. मतलब गूगल के कुछ तरीके होते है, जिसको फॉलो करते हुए ही ब्लॉग डालनी होती है या करनी होती है. हो सकता है की उन लोगो को इंग्लिश भाषा में दिक्कत आ रही हो.

         

         

        उम्मीद करता हू आपको आपके सवाल का जवाब मिल गया होगा.

        Answered on August 11, 2017.
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          ब्लॉग की भाषा इस बात पर निर्भर करती है कि आप कहां की और किस प्रकार की ऑडियंस को टारगेट करना चाहते हैं। अपने ब्लॉग के द्वारा अगर आप भारत के इंग्लिश जानने समझने और पढ़ने वाले लोगों के अलावा दुनिया के इंग्लिश जानने वाले लोगों तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं तो आपके लिए इंग्लिश भाषा ही सही और उचित रहेगी।

          क्योंकि इंग्लिश भाषा वर्ल्ड वाइड है जिसे दुनिया के ज्यादातर देशों के लोग समझते हैं तथा कई लोग इंग्लिश अच्छे से बोल भी सकते हैं, परंतु अगर आपको सिर्फ भारत के हिंदी समझने वाले लोगों को अपने ब्लॉग के द्वारा टारगेट करना है तो आपको हिंदी या रोमन हिंदी में लिखना चाहिए। ऐसा नहीं है कि सिर्फ हिंदी या रोमन हिंदी भारत के लोग समझते हैं बल्कि अगर आपके ब्लॉग की भाषा रोमन-हिंदी है तो आपके ब्लॉग की पहुंच भारत के पड़ोसी देश जैसे पाकिस्तान myanmar नेपाल श्रीलंका बांग्लादेश अफगानिस्तान बलूचिस्तान तक होगी, परंतु अगर कमाई के हिसाब से देखा जाए तो वर्तमान में हिंदी ब्लॉग में लोगों की कमाई कम होती है क्योंकि गूगल ने कुछ ही साल पहले हिंदी भाषा को सपोर्ट और प्रमोट करने का निर्णय लिया था। फिर भी कई सारे हिंदी ब्लॉगर्स हिंदी ब्लॉग से ही अच्छा पैसा कमा रहे हैं।

          भारत का सबसे टॉप ब्लॉगर हर्ष अग्रवाल है। उसकी महीने की कमाई 18 करोड रुपए है। फिलहाल अगर आप हिंदी भाषा को सपोर्ट और प्रमोट करना चाहते हैं तो आपको हिंदी अथवा रोमन हिंदी में ही अपना ब्लॉग लिखना चाहिए, क्योंकि अब भारत में लगभग 50 करोड़ इंटरनेट यूज़र हो चुके हैं जिनमें से 33 करोड़ लोग स्मार्ट फोन में इंटरनेट यूज करते हैं तथा बाकी के कंप्यूटर लैपटॉप या डेस्कटॉप में इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं और 50 करोड़ इंटरनेट यूज करने वाली जनसंख्या हिंदी ब्लॉग के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है।

          Answered on September 5, 2017.
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