क्या मैं GST Composition Scheme में रजिस्ट्रेशन करवा सकता हूँ?

Mere shop ka naam hai anant services hai,, mere shop ka turnover 10 lakh se kam hai, to kya mein GST Composition scheme le sakta hoon ?

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      जीएसटी कंपोजिशन स्कीम | GST Composition Scheme

      हर महीने तीन-तीन Return, लेन-देन की ढेरों रसीदें कंम्प्यूटर पर upload करना और तमाम technical जटिलताओं के कारण GST की सामान्य स्कीम कारोबारियों के लिए मुश्किल साबित हो रही है। इन झंझटों से बचने के लिए छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारी GST की Composition Scheme का सहारा ले रहे हैं। टैक्स का एक निश्चित रेट, एकमुश्त Tax Payment और तीन महीने में सिर्फ एक Return रिटर्न, ये खूबियां इसे Popular बनाती हैं।

      इस पोस्ट में हम GST Composition Scheme के बारे में तमाम जानने लायक बातें लेकर आए हैं। जैसे कि, Composition Scheme क्या है? इसे किस स्तर के कारोबारी अपना सकते हैं? Composition Scheme किन मामले में सामान्य स्कीम से बेहतर है और किन मामलों में ठीक नहीं है, वगैरह-वगैरह…

      कौन ले सकता है जीएसटी कंपोजिशन स्कीम | Who Can Opt GST Composition Scheme

      शुरुआती दौर में GST Tax System की तमाम जटिलताओं से राहत देने के लिए Government ने छोटे कारोबारियों को Composition Scheme अपनाने का विकल्प दिया है। आपको जानकारी होगी कि जिनका सालाना Turn Over 20 लाख से ऊपर है उन्हें GST में Registration  कराना अनिवार्य है। पूर्वोत्तर राज्यों के व्यापारियों के लिए यह सीमा 10 लाख रुपए है।

      20 लाख रुपए से ज्यादा के टर्नओवर वाले लोगों के लिए GST रजिस्ट्रेशन तो अनिवार्य है लेकिन वो चाहें तो जीएसटी का झंझट कम कर सकते हैं। साल में 75 लाख तक का कारोबार करने वाले जीएसटी कंपोजिशन स्कीम का फायदा उठा सकते हैं। अपनी सुविधानुसार वे चाहें तो जीएसटी की Normal स्कीम के तहत काम करें, चाहें तो Composition Scheme के तहत।

       

      Note 1: पूर्वोत्तर के जिन राज्यों में Composition Scheme लेने की योग्यता सालाना turnover 10 से 50 लाख रुपए है वे है-Arunachal Pradesh,  Assam, Manipur,  Meghalaya, Mizoram, Nagaland, Sikkim, Tripura,  और Himachal Pradesh।

      Note 2: जीएसटी की Composition Scheme सिर्फ वस्तुओं goods का कारोबार करने वाले ही ले सकते हैं। सेवा क्षेत्र में सिर्फ restaurant sector से जुड़े कारोबारियों को ही यह Scheme लेने की छूट है। अन्य किसी भी किस्म की सेवा का business करने वाले Services providers इस स्कीम में  registration नहीं करा सकते।

      • एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच व्यापार करने वाले| Inter-State Traders or suppliers
      • जीएसटी की छूट वाले सामान का कारोबार करने वाले| Traders Of Exempted Goods
      • तंबाकू, पान मसाला और आइसक्रीम से संबंधित सामान बनाने वाले| Manufacturers of ice cream and Tobacco products
      • रेस्टोरेंट के अलावा किसी अन्य सेवा का व्यवसाय करने वाले| Any other service provider except restaurant
      • ई कॉमर्स के माध्यम से अपना माल बेचने वाले| supplying Goods Through E-Commerce
      • सरकार की ओर से अन्य किसी अधिसूचित वस्तु का व्यापार करने वाले|  supplying Goods notified

       

      जीएसटी कंपोजिशन स्कीम के फायदे | Benefits of GST Composition Scheme

      GST Composition Scheme को अपनाने पर करोबारियों को निम्नलिखित सुविधाएं मिलती हैं…

      तीन महीने में सिर्फ एक रिटर्न | One Return in each Quarter

      जीएसटी की सामान्य स्कीम के तहत कारोबार करने वालों को हर महीने तीन रिटर्न भरने जरूरी होते हैं। GSTR-1 बिक्रियों के लिए, GSTR-2 खरीदारियों के लिए और GSTR-3 टैक्स का हिसाब करने के लिए। लेकिन, GST Composition Scheme लेने वालों को तरह हर महीने ये तीनों Return नहीं भरने हैं। इसकी बजाय उन्हें हर तीन महीने में सिर्फ एक GSTR-4 भरना पड़ता है। इस Quarterly Return में उन्हें हर तिमाही में होने वाले कुल लेन-देन, कुल कमाई, उस पर टैक्स देनदारी और जमा किए गए GST टैक्स आदि की जानकारी देनी होगी।

       

      रसीदों को अपलोड करने का झंझट नहीं | No Need to Upload Invoices

      Composition Scheme में registered कारोबारियों को न तो अपनी बिक्रियों (Sales) और खरीदारियों (Purchases) का रिकॉर्ड रखना जरूरी होता है और न ही उनकी रसीदों (Invoices) को अपने रिटर्न के साथ upload करना होता है। इसके उलट GST की सामान्य स्कीम वालों को हर महीने GSTR-1 में अपनी सभी बिक्रियों की और GSTR-2 में सारी खरीदारियों का Details देना होता है और उनकी रसीदें भी upload करनी होती हैं।

       

      एकमुश्त टैक्स और निश्चित रेट| Lump sum Tax with Fix Rate

      Composition Scheme लेने वालों को अपने Return के साथ बीते तीन महीनों के दौरान हुई कुल बिक्री पर एकमुश्त GST जमा करना है। टैक्स भी एक Fix Rate पर जमा करना है।

      वस्तुओं या सेवाओं का business करने वालों को अपनी कुल तिमाही बिक्री का 1%  GST चुकाना होगा। इसमें 0.5%, CGST के रूप में केंद्र सरकार के खाते में और 0.5%, SGST के रूप में राज्य सरकार के खाते में जमा होगा।

      वस्तुओं का निर्माण करने वालों (Manufacturers) को अपनी कुल तिमाही बिक्री का 2 प्रतिशत GST चुकाना होगा। 1% CGST के रूप में केंद्र सरकार के खाते में और 1%, SGST के रूप में राज्य सरकार के खाते में जमा होगा।

      रेस्टोरेंट चलाने वालों (Restaurant Operators) को अपनी कुल तिमाही कमाई का 5 प्रतिशत GST चुकाना होगा। 2.5% CGST के रूप में केंद्र सरकार के खाते में और 2.5%, SGST के रूप में राज्य सरकार के खाते में जमा होगा।

       

      जीएसटी कंपोजिशन स्कीम में आपको कुछ व्यावहारिक फायदे हैं तो थोड़े आर्थिक नुकसान भी हैं –

      1 खरीदारियों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा नहीं | Can’t get Input Tax Credit On purchases

      GST Composition Scheme में खुद को रजिस्टर्ड कराने वालों को Input Tax Credit  का फायदा नहीं मिल सकेगा। यानी कि आप अपनी टैक्स देनदारी में Input Tax Credit  को Adjust करके कुल देनदारी कम नहीं कर सकते।

      इनपुट टैक्स क्रेडिट: माल खरीदने पर जितना भी आपने GST चुकाया है, वह आपके Account में Input Tax Credit के रूप में दर्ज हो जाता है। इसे Input Tax Credit  इसलिए कहते हैं, क्योंकि यह आपके यहां लाए गए सामान (input) पर लगा हुआ Tax होता है और यह Automatically आपके जीएसटी अकाउंट में Credit यानी जमा होती जाती है।

       

      2 बिक्री पर जीएसटी भी नहीं वसूल सकते | Cant’Charge GST on Sales Of Goods

      अगर आप GST Composition Scheme के तहत खुद को Registered कराते हैं तो आपके पास किसी सामान या सेवा की बिक्री पर GST टैक्स वसूलने का अधिकार नहीं होगा। आप Composition Dealer होने के आधार पर कोई composition tax भी वस्तुओं की बिक्री पर नहीं वसूल सकते। इस तथ्य को नीचे दिए गए Example से बेहतर समझ सकते हैं

      An Example: आप एक रेस्टोरेंट संचालक हैं और अपने कारोबार को GST Composition Scheme  के तहत Registered करवा रखा है। अब आप किसी ग्राहक को Service देते हैं और उसका बिल 200 रुपए का बना। Composition Scheme  में होने के कारण आप इस पर न तो अलग से GST वसूल सकते हैं न कोई अन्य टैक्स।

      आप ग्राहक से सिर्फ 200 रुपए ही ले सकते हैं। बिल की इसी कीमत के अंदर आपके हर तरह के Tax शामिल होंगे। इसके उलट जो Normal GST Registered रेस्टोरेंट संचालक हैं, वे वे अपने ग्राहकों के बिल पर 12 फीसदी (Non AC) या  18 फीसदी (With AC) जीएसटी वसूल सकते हैे।

       

      3 दूसरे राज्यों में माल भेज नहीं सकते | Cant’ Supply goods to Other State

      GST Composition Scheme लेने वाले अन्य राज्यों के लिए माल नहीं भेज सकते। अगर वे ऐसा करते हैं तो फिर उन्हें Composite Dealer नहीं माना जाएगा। उन्हें Normal GST Registration को अपनाना होगा। उसके हिसाब से हर महीने तीनों तरह के रिटर्न (GSTR-1, GSTR-2 और GSTR-3) भरने होंगे। हालांकि, उन्हें दूसरे शहर या राज्य से अपने लिए माल मंगाने की छूट होगी, बस माल भेजने की छूट नहीं है।

       

      4 SEZ को माल सप्लाई नहीं कर सकते | Cant’ Supply goods to SEZ 

      Composition Scheme में होने पर आप विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) में मौजूद Business units को भी अपने माल की supply नहीं कर सकते, क्योंकि GST System में SEZ को की जाने वाली सप्लाई को अंतरराज्यीय आपूर्ति (inter-State supply) की कैटेगरी में रखा गया है। इन्हें सिर्फ  Normal GST Scheme में रजिस्टर्ड व्यापारी ही माल की Supply कर सकते हैंं।

       

      जीएसटी कंपोजिशन स्कीम में कौन-कौन से रिटर्न भरने पड़ते हैं –

      जो व्यापारी GST Composition Scheme लेते हैं, उन्हें हर तीन महीने में GSTR-4 भरना पड़ता है। इसके बाद financial Year पूरा होने पर सालाना Return Form GSTR-9A  भरना पड़ता है। इस प्रकार उन्हें कुल 5 Return भरने पड़ते हैं।

      तिमाही रिटर्न जीएसटीआर-4 के बारे में | About GSTR-4

      GST Composition Scheme लेने वालों को हर तिमाही के बाद यह Return Form को भरना पड़ता है। बीती तिमाही के दौरान जो भी वस्तुओं या सेवाओं की बिक्री (Sale) होती हैं, उसकी जानकारी इसमें देनी होती है। साथ में यह भी बताना पड़ता है कि आपकी Sale के आधार पर कुल कितना GST बन रहा है। आपने कुल कितना Tax जमा किया है, यह भी भरना पड़ता है। तिमाही के बाद आने वाले महीने की 18 तारीख तक इसे जमा कर सकते हैं।

      Note: तिमाही बीतने के बाद आपके GST Account में रिटर्न फॉर्म GSTR-4A शो करने लगता है। इसमें आपने जो भी खरीदारियां (purchases) की होती हैं, उनका विवरण पहले से ही आपके खाते में दर्ज हो चुका होता है। क्योंकि, आपको माल बेचने वालों ने उनको अपने मासिक बिक्री (Monthly Sale)वाले रिटर्न फॉर्म GSTR-1 में दर्ज किया हुआ होता है। सही होने पर आप इन्हेंं मंजूर कर सकते हैं। किसी सौदे के गलत होने पर खारिज भी कर सकते हैं।

      रिटर्न GSTR-4 जमा करने की अंतिम तिथि| Last Date to File GSTR-4

      • पहली तिमाही (अप्रैल, मई, जून ) के लिए – For 1st quarter (April, May, June)      18 July
      • दूसरी तिमाही  (जुलाई, अगस्त, सितंबर) के लिए – For 2nd quarter (July, August, September) 18 October
      • तीसरी तिमाही (अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर) के लिए – For3rd quarter (October, November, December) 18 January
      • चौथी तिमाही (जनवरी, फरवरी, मार्च) के लिए – For 4th quarter(Jajnuary, February, March)            18 April
      • सालाना रिटर्न जीएसटीआर-9A के बारे में| About GSTR-9A

      हर Financial Year पूरा होने के बाद आपको अपने सालभर की की कुल बिक्री को बताने वाला सालाना रिटर्न भरना पड़ेगा। इसे तुरंत बाद शुरू होने वाले Financial Year में 31 December तक जमा करना अनिवार्य होता है। उदाहरण के लिए, आप जो भी कारोबार वित्तीय वर्ष 2017-18 (1 मार्च2017 से 31 अप्रैल 2018) के दौरान करेंगे, उनका सालाना GST Return form GSTR-9A वर्ष 2018 के 31 दिसंबर तक भरकर जमा करना होगा।

       

      How to Register in GST Composition Scheme

      GST Composition Scheme में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आपको जीएसटी पोर्टल पर जाकर cmp-01 form भरना पड़ता है। इसके लिए आपको कुछ सिंपल से Step अपनाने हैं

      1. वेब एड्रेस www.gst.gov.in पर जाकर जीएसटी पोर्टल खोलिए
      2. Webpage में उपर की नीली पट्टी में मौजूद services ऑप्शन पर क्लिक करिए
      3. इसमें पहला विकल्प Registration का मिलेगा, उस पर क्लिक करिए
      4. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करिए और form CMP-01 सेलेक्ट कर उसे भर दीजिए

       

      FAQ’s [इन्हें भी ध्यान रखे]

      #1 क्या आप कंपोजिशन स्कीम के वास्तव में हकदार हैं?

      Composition Scheme लेने के पहले इस बात की ठीक से परख कर लें कि आप इसकी पात्रता (eligibility) रखते हैं कि नहीं। अगर बाद में कभी आप गलत Registration के दोषी पाए गए तो GST Officer आप पर कार्रवाई भी कर सकता है। छोटे स्तर के कारोबारी से अगर नियमों की जानकारी न होने के कारण ऐसी गलती होती है तो उसे अतिरिक्त टैक्स की राशि (differential taxes) जमा करनी पड़ेगी। इस अतिरिक्त राशि पर penalty और ब्याज भी भरना पड़ेगा। अगर आप पर जानबूझकर ऐसा करने की पुष्टि हुई तो बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।

       

      #2 कंपोजिशन स्कीम के लिए आवेदन कब?

      जिस financial year के लिए आप Composition Scheme लेना चाहते हैं उसके शुरू होने के पहले यानी 31 मार्च तक इसके लिए Registration करा लेना होगा। इसके लिए आपको GST Portal पर जाकर ऑनलाइन FORM GST CMP-02 भरकर आवेदन करना होगा। अगर आप पहले से रजिस्टर्ड हैं तो भी Composition Scheme के लिए 31 मार्च तक इससे जुड़ना होगा।

       

      #3 स्कीम से अलग होने का विकल्प?

      आप जब चाहें Composition Scheme से अलग हो सकते हैं। इसके लिए आपको जीएसटी पोर्टल पर जाकर FORM GST CMP-04 भरकर जमा करना होगा। इसके साथ ही आपको FORM GST ITC-01 में अपने पास स्टॉक मेें मौजूद वस्तुओं का भी विवरण देना होगा। ताकि, आगे उनकी बिक्री में सामान्य GST Scheme के फायदे आपको मिल सकें।

       

      #4 वित्तीय वर्ष के बीच मे टर्नओवर पार करने पर?

      अगर आपने Composition Scheme ले रखी है और Financial Year के बीच में इसके लिए निर्धारित अधिकतम टर्न ओवर 75 लाख (पूर्वोत्तर के लिए 50 लाख) को पार कर जाते हैं तो आपका Composition Dealer का दर्जा खत्म हो जाएगा। जिस तारीख को आपके turn over की यह सीमा पार होती है, उससे 7 दिन के अंदर खुद को Composition Scheme से हटाने के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए आपको Registration process में जाकर GST CMP-04 को भरना पड़ेगा।

       

      #5 कम्पोजीशन स्कीम छोड़ने पर?

      Composition Scheme से हटने की तारीख (date of withdrawal) से आप अपने माल के स्टॉक पर सामान्य कारोबारी की तरह input tax credit पाने के हकदार बन जाएंगे। GST भी वसूल सकेंगे। और हां, आने वाले महीने से तीनों रेगुलर मासिक रिटर्न (GSTR-1, GSTR-2 और GSTR-3) भी दाखिल करने पड़ेंगे। इसके लिए आपको 30 दिन के अंदर FORM GST ITC-01 के माध्यम से अपने माल के स्टॉक की सूची भी उपलब्ध करानी होगी।

       

      #6 बिल पर और बोर्ड पर भी सूचना देना जरूरी?

      GST Composition Scheme के तहत खुद को रजिस्टर्ड कराने वाले कारोबारियों को अपने संस्थान के गेट पर या किसी प्रमुख जगह पर “composition taxable person”  का बोर्ड भी लगाना अनिवार्य है। यह शर्त इस Scheme को अपनाने वाले सभी Categories के कारोबारियों पर लागू होती है। भले ही वे चाहे वस्तुओं या सेवाओं का सिर्फ व्यापार करते हों या उनका निर्मांण करते हों या रेस्टोरेंट संचालक हों। आपको अपनी बिक्री के बिलों पर ऊपर “not eligible to collect tax on supplies” का उल्लेख भी करना होगा।

       

      #7 कौन सी स्कीम बेहतर, कंपोजिट या गैर कंपोजिट?

      समय और झंझट के हिसाब से देखा जाए तो Composition Scheme बेहतर है। न आपको हर महीने कई रिटर्न भरने हैं, न रसीदें जमा करनी हैं, न ज्यादा तकनीकी व्यवस्थाओं में उलझना है। पैसे के हिसाब से देखा जाए तो Normal Scheme बेहतर है। उसमें आपको अपनी खरीदों पर Input Tax Credit मिल जाती है और बिक्रियों पर GST वसूलने का अधिकार होता है, जिससे आखिरकार आप Composition वालों के मुकाबले ज्यादा फायदे में होते हैं।

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      Answered on February 21, 2019.
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        कोई भी Trader, Manufacturer या Restaurant व्यवसायी जिनका Turnover 75 लाख (उत्तरी-पूर्वी राज्यों में 20 लाख रूपये)से कम हो वे कम्पोजीशन स्कीम में जा सकते हैं| वे व्यवसाय Composition Scheme के लिए Eligible नहीं हैं, जो अपना माल राज्य से बाहर सप्लाई करते हैं या Inter-State Supply करते हैं| सर्विस प्रोवाइडर या सेवा क्षेत्र में कम्पोजीशन स्कीम केवल रेस्टोरेंट व्यवसाय के लिए ही उपलब्ध हैं और अन्य सभी तरह की सर्विस प्रोविडर कम्पोजीशन स्कीम में नहीं जा सकते|

        आपने यह नहीं बताया कि आपका व्यवसाय क्या हैं. आपने अपनी शॉप का नाम “anant services” बताया जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा हैं कि आप कोई सर्विस प्रोविड कर रहे हैं| अगर ऐसा हैं तो आप GST की कम्पोजीशन स्कीम में नहीं जा सकते क्योंकि सेवा क्षेत्र में कम्पोजीशन स्कीम केवल रेस्टोरेंट व्यवसाय के लिए ही उपलब्ध हैं| अधिक जानकारी के लिए Composition Scheme से सम्बंधित सभी प्रश्नों को इस लिंक पर देख सकते हैं:-

        Composition Scheme की सभी Queries  

         

        Answered on September 7, 2017.
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          Update – 11-01-2019 : छोटे करदाताओं के लिए विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को राहत देने के लिए, GST की लिमिट 20 लाख से  40 लाख रुपये कर दी गई है|

          अगर आप लोकल बिज़नेस ही कर रहे हैं और आपका Turnover 40 लाख रूपये से कम हैं तो आपको GST रजिस्ट्रेशन करवाने की भी आवश्यकता नहीं हैं|

          जैसा कि मैंने पहले भी बताया, Composition Scheme, सर्विस प्रोवाइडर के लिए नहीं हैं, इसे केवल ट्रेडर्स या मैन्युफैक्चरर ही ले सकते हैं| अगर आप केवल Trading कर रहे हैं यानि की केवल माल खरीदकर बेच रहे हैं तो आप Composition में जा सकते हैं| लेकिन अगर आप कोई Service भी Provider कर रहे हैं जिसके बदले में अलग से चार्ज कर रहे हैं तो आप Composition में नहीं जा सकते|

          उदाहरण के लिए अगर आप टीवी और E-Learning का सामान खरीदकर और पंचायत को बेच रहे हैं और पंचायत से केवल माल के ही पैसे ले रहे हैं तो आप एक तरह से Trading कर रहे हैं| लेकिन अगर आप माल को बेचने के साथ साथ उसका Installation और Maintenance आदि भी कर रहे हैं जिसका अलग से चार्ज ले रहे हैं तो फिर आप एक तरह से Trading के साथ साथ Service भी Provide कर रहे हैं, इसलिए Composition Scheme में नहीं जा सकते|

          GST Registration और Consultancy के लिए  आप हमारी CA Services ले सकते हैं| Check – CharteredIndia.com

          Answered on September 7, 2017.
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            sir mere dukan ka kam ..mai local se hi maal kharidta hoon aur woh local hi bechta hoon..( within state)

            jaise ke …..,mai led tv aur  e-learning material kharidkar gram panchyat ke schoolo me lagvata hoon …. aur mera yeh pehala kam hai…. to mai composite scheme  le sakta hoon?

             

            Answered on September 7, 2017.
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