ek insaan apni har galatiyo ko janta hai, galti kaha se suru hui, kis stage par hai, or iska anjaam kya hoga, fir v wo galatiya dohrata hai aisa kyu

aisa kyu or kaise in galatiyo ko roka jaay ?

Asked on January 7, 2017 in How to.
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  • 2 Answer(s)

    Duniya me kuch ese log hote h jo galtiyon se sikh lete h but Jo ek hi glti baar baar kre use glti nhi bekufu kaha jata h ….. Wo glti aur bhi jayda bta ho jata Agr kisi aham moke pr glti ho…

    Answered on February 10, 2017.
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    जिस प्रकार दिन और रात है, उजाला और अंधेरा है उसी प्रकार सही और गलत है,
    दिन के बिना रात का कोई महत्व नही और रात के बिना दिन का कोई महत्व नही, उसी तरह उजाला -अंधेरा, सही-गलत एक दूसरे के पुरक है,
    गलती होना आम बात है ये सभी से होती है,
    बस इंसान ही इक मात्र एसा जीव है जो अपने गल्तियों को सुधार सकता है , क्योकि मनुष्य मे सोचने – समझने, तर्क करने की अद्भूत छमता है
    यह गुण मनुष्य को अन्य जीवो से अलग करता है !

    Answered on February 11, 2017.
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