एनीमिया (Anemia) क्या है, इसके लक्षण, कारण, नुकसान, उपचार और रोकथाम बताइए

एनीमिया क्या होता है, एनीमिया के क्या कारण है, Anemia के लक्षण बताइए, Anemia से हमारे शरीर को होने वाले नुकसान कौनसे है, एनीमिया के बारे में पूरी जानकारी दीजिए|

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    Anemia In Hindi – एनीमिया की पूरी जानकारी

    एनीमिया के बारे में सीधे शब्दों में कहा जाए तो जब हमारे शरीर में खून में आयरन की कमी होती है तो उसे ही Anemia कहा जाता है| आयरन शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं यानी Red Blood Cells बनाता है जिससे हिमोग्लोबिन का निर्माण होता है| Hemoglobin का काम फेंफडों से ऑक्सीजन लेकर रक्त में पहुँचाना होता है| ऐसे में जब हिमोग्लोबिन की कमी होती है तो शरीर में Oxygen की कमी होने लगती है| एक स्वस्थ पुरुष में 13-16 और महिला में 12-14 Milligram प्रति डेसीलिटर हिमोग्लोबिन होना चाहिए|

    RE: एनीमिया (Anemia) क्या है, इसके लक्षण, कारण, नुकसान, उपचार और रोकथाम बताइए

    अगर आप भी शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया का कारण सिर्फ पोषण की कमी मानते है, तो यह गलत है| एनीमिया की वजह शरीर में Hygiene (हाइजीन) की कमी व अन्य कई कारण है|

    Global Nutrition Report 2017 के अनुसार माँ बनने की उम्र वाली 51 फीसदी महिलाऐं एनीमिक है| जबकि 2016 की रिपोर्ट में India में 48% महिलाऐं एनीमिक पाई गई थी| डॉक्टर्स का मानना है की सिर्फ पोषण की कमी ही एनीमिया से बचाव का उपाय नहीं है| हाइजीन का अभाव भी इसका एक अहम कारण है|

    Causes of Anemia – एनीमिया के कारण

    मुख्यत: पोषण, खास तौर पर Folic Acid, आयरन और Vitamins B12 की कमी से एनीमिया होता है| लेकिन कुछ बीमारयों की वजह से भी शरीर में खून की कमी होने लगती है| इसके अलावा दवाओं के दुष्प्रभाव, Thyroid, किडनी या गुर्दे की समस्या, कैंसर, Regular Blood Discharge भी एनीमिया के कारण है|

    Kidney Cancer – किडनी का कैंसर

    किडनी से Erythropoietin Hormone का श्राव होता है जो Bonamaro को Red Blood Cells बनाने में मदद करता है। किड्नी का कैंसर होने पर शरीर में एरिथ्रोपोएटीन हॉर्मोन का निर्माण नहीं हो पाता है जिससे रेड ब्लड सेल्स बनना कम हो जाता है, जिससे एनीमिया होने लगता है।

    Thalassemia – थैलेसीमिया

    यह आनुवांशिक एनीमिया (Genetic Anemia) होता है, जिसमें हीमोग्लोबिन आवश्यक मात्रा में बनने की बजाय कम या ज्यादा बनने लगता है।

    Vitamin B12 Deficiency – विटामिन बी12 की कमी

    शरीर में विटामिन बी12 की कमी से परनीसीयस एनीमिया (Parasitical Anemia) होने की आशंका रहती है। कुछ आहार और दवा के रूप में विटामिन B12 लेते हैं लेकिन पेट में Intinfective Factor के अभाव में इस विटामिन का अवशोषण नहीं हो पाता है और खून की कमी होने लगती है।

    Lack of Nutrition – न्यूट्रीशन की कमी

    Red Blood Cells के निर्माण के लिए कई तरह के Vitamins और Minerals की जरूरत होती है। इनकी कमी से रेड ब्लड सेल्स का निर्माण कम हो जाता है और हीमोग्लोबिन कम बनने लगता है| महिलाओं में कुपोषण आम समस्या है जिससे उनमें खून की कमी निरंतर बनी रहती है|

    Sickle Cell Anemia – सिकल सेल एनीमिया

    इसमें असामान्य हीमोग्लोबिन होता है यानी रेड ब्लड सेल्स हंसिए के आकार के हो जाते हैं जो जल्दी टूट जाते हैं। इस एनीमिया के कई प्रकार होते हैं जिनका असर अलग दिखाई देता है।

    High And Frequent Bleeding – अत्यधिक व लगातार रक्तस्त्राव

    किसी चोट या घाव से स्त्राव, Gastrointestinal Ulcer, कोलन कैंसर आदि में धीरे-धीरे खून रिसने से एनीमिया होता है।

    Symptoms of Anemia –  एनीमिया के लक्षण

    इसमें शुरुआत में खून की कमी होने पर ख़ास लक्षण दिखाई नहीं देते है| लेकिन जैसे-जैसे खून की कमी बढती है वैसे-वैसे स्थिति गंभीर होने लगती है| इसके अंतर्गत —

    कमजोरी व थकावट महसूस करना

    चक्कर आना

    छाती या सीने में दर्द

    लेट के उठने पर आँखों के सामने अँधेरा छाना

    दिल की धडकन का असामान्य होना

    त्वचा, आँख व नाखूनों का पीला होना

    सांस फूलना

    हाथ पैर का ठंडा होना, आदि लक्षण होते है|

    Treatment of Anemia – एनीमिया के उपचार

    Fallet – फॉलेट

    शरीर को नई रक्त कोशिकाएं बनाने के लिए फॉलेट की जरूरत होती है जो हरी सब्जियों, साबुत अनाज, नट्स आदि से पूरी की जा सकती है। पालक में आयरन, Folic Acid और Vitamin B12 होने की वजह से यह खून की कमी को दूर करता है। इसी तरह चुकंदर में फोलिक एसिड और सेब में आयरन की मात्रा होती है।

    Pomegranate – अनार

    प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और कार्बोहाइडेट हीमोग्लोबिन की मात्रा को तेजी से बढ़ाकर रक्त संचार को ठीक करता है। रोजाना सुबह खाली पेट अनार खाने या जूस पीने से एनीमिया से जल्दी निजात मिलती है।

    Raisins – किशमिश

    आयरन, प्रोटीन, फाइबर, सोडियम जैसे पोषक तत्व होने से किशमिश एनीमिया के उपचार में मददगार होता है। रात भर पानी में भीगे हुए किशमिश को शहद में मिलाकर खाएं। इसी तरह खजूर भी आयरन का अच्छा स्रोत होता है। सौ ग्राम खजूर में 90 मिलीग्राम आयरन की मात्रा होती है।

    Honey – शहद

    आयरन और विटामिन बी12 से भरपूर शहद का रोजाना सेवन खून की कमी को दूर करता है। स्नैक्स में भुने चने और गुड़ का सेवन करने से भी हीमोग्लोबिन बनता है।

    Vitamin C –  विटामिन सी

    आयरन की मात्रा बढ़ाने के लिए विटामिन सी जरूरी होता है। दरअसल यह शरीर में आयरन सोखने में मदद करता है। आंवला, नींबू, संतरा आदि का सेवन करना चाहिए।

    Tannin is Harmful – टैनीन है नुकसानदायक

    एनीमिया की स्थिति में चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स से दूर ही रहना चाहिए, क्योंकि इसमें मौजूद टैनीन नामक पदार्थ शरीर को आयरन सोखने से रोकता है।

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    Answered on December 29, 2018.
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    एनीमिया क्या है?

    एनीमिया (रक्ताल्पता) एक ऐसी स्थिति है जिसमें रक्त में लाल रक्त कणिकाओं या हीमोग्लोबिन की मात्रा सामान्य से कम हो जाती है. आमतौर पर हीमोग्लोबिन का सामान्य स्तर महिलाओं और पुरुषों में अलग अलग होता है।

      • पुरुषों में एनीमिया तब होता है, जब हीमोग्लोबिन की मात्रा 13.5 ग्राम/100 मिली से कम हो।
      • महिलाओं में एनीमिया के लिए स्तर 12.0 ग्राम/100 मिली होता है।

     

    हीमोग्लोबिन आयरन की अधिकता वाला प्रोटीन होता है, जो रक्त को उसका लाल रंग देता है। यह प्रोटीन लाल रक्त कणिकाओं को फेफड़ों से शेष शरीर में ऑक्सीजन ले जाने में सहायता करता है।
    यदि आपको एनीमिया है, आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन-युक्त खून नहीं मिलेगा। परिणामस्वरूप, आप थका हुआ या कमजोर अनुभव करेंगे।

     
    Answered on November 16, 2018.
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