SEO क्या होता हैं, यह कैसे काम करता है| SEO से किस प्रकार Website पर Traffic बढ़ता है|

SEO क्या होता है और SEO से वेबसाइट का ट्रैफिक कैसे बढ़ता है| क्या हम अपनी website में SEO कर सकते है, अगर हाँ तो SEO के कुछ tips देते हुए SEO से जुडी पूरी जानकारी हिंदी और जानकारी दीजिए|

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    एसईओ – Search Engine Optimization-

    एक आम user के द्वारा किसी भी search query को Google Search Box में टाइप कर के सर्च करने पर सर्च एंजिन ऐसे दस result पैश कर देता है, जो की सर्च बॉक्स में टाइप किए हुए words (Key Words) से संबन्धित हों। लाखो करोड़ो pages में से महत्तम उपयोगी दस web pages को छाँटने के लिए Google कई सारे search Rules को apply करता है। Keywords, Back links, Interlinks, Most Discussed Content (more comments), और more visited content । इन सभी महत्वपूर्ण facts को calculate करने के बाद Google Spiders (Google Bots) most relevant content को पहले page पर display करता है।

    SEO का पूरा नाम Search Engine Optimization है। अनगिनत web pages में से सर्वश्रेस्ठ उपयुक्त web pages को user के लिए उपलब्ध कराना Search Engine का मुख्य काम होता है। इस कार्य को Google Bots SEO पद्धति की सहायता से करते हैं। किसी भी website के search Engine में आगे आने पर कई SEO Factor उस पर प्रभाव डालते हैं, जैसे की Website का design, page views, Content quality, keyword density, Post Title Presentation, Images quality, Grammatik accuracy और कई सारे अन्य कारण। इनहि सभी तत्वों (Elements) के तानेबाने को SEO कहा जाता है।

    Website के लिए SEO क्यों जरुरी है –

    सामान्य भाषा में इस बात को समजे तो SEO Readers और Google Bots (Spiders) को valuable quality content और doorway content (low quality Content) को अलग अलग छाँटने के लिए एक अति महतवपूर्ण theory है। SEO के माध्यम से user पल भर में मनचाहा उपियोगी content अपने computer स्क्रीन पर पा कर अपनी requirement पूरी कर सकता है। बिना SEO की मदद के Google Bots या किसी अन्य सर्च एंजिन का, सही result को first page पर लाने की जटिल प्रक्रिया को इतनी जल्दी पूरी करना मुमकिन नहीं है। चूँकि लाखो करोड़ो WebPages को पढ़ कर उनकी quality के अनुसार उन्हे Search Engine results में manually Index करना मुश्किल ही नहीं पर ना मुमकिन है।

    सर्च इंजिन में SEO कैसे काम करता है –

    Crawling & Indexing – सर्च एंजिन के मुख्य दो कार्य होते हैं। Crawling करना तथा Indexing करना। High rank वाले pages को आगे और कम Rank (valuation) वाले pages को उनके बाद Indexing करना। इस तरह से एक सर्च एंजिन अपनें user को संभवतः ज़्यादा से ज़्यादा उपयोगी हो पाने वाला सर्च रिज़ल्ट पैश करने की कौशीस करता है।

    जब एक user किसी खास शब्द को search box में लिख कर सर्च करता है, तब Search Engine कुछ ही seconds में हज़ारो संलग्न (relevant) results पैश कर देता है। लाखो करोड़ो web pages में से high quality pages को सर्च एंजिन कैसे छाँट कर आगे ले आता है, यह एक काफी interesting theory है। सब से पहले सर्च एंजिन के तैयार किए हुए Automated programs हरकत में आते हैं जिनहे Google Bots या Spiders कहा जाता है।

     

    Processing pages को crawl करने के बाद जब उन्हे लिस्ट में index कर लिया जाता है, तब उन pages में से searched query से related best possible pages को छाँटने की प्रक्रिया को Processing कहा जाता है।

    Page की Relevancy Measure करना – एक गणितीक string page की relevancy की गणना कर के उस पेज की popularity measure करता है। अधिक बार खोजे जाने वाले pages को ज़्यादा विश्वसनीय और अच्छी quality का मान कर Google Search Engine के दावरा उस pages का rank आगे किया जाता है।

    Keywords measure कर के result output display करना – search query के मुताबिक Search engine अपना पूरा process कर के result output display कर देता है।

     

    Google bots क्या है – What is Google Bots

    Google Bots Search Engine का एक automated program है जो user की search query को ध्यान में रखते हुए, internet पर मौजूद अनगिनत वेब पेजिस में से अधिकतम संलग्न (most relevant) pages को content popularity, keywords, और अन्य factors को crawl कर के उन्हे index कर के rank wise process करता है, ताकि search engine most relevant result अपने user को display करा सके।

    (Note- Google Bots उन सभी website की information भी Check करता है जो की आप के website से linked है। ऐसा करके Google Bots आप के website की विश्वसनीयता चकासता है|)

     

    Blogger SEO ठीक कर सकता है –

    Website का SEO manage करना कोई बड़ी बात नहीं है। domain name खरीदने से ले कर पोस्ट की quality किस तरह की होनी चाहिए, और published पोस्ट को किस तरह से effectively promote किया जा सकता है, इन सभी पहेलुओं की जानकारी आज internet पर आसानी से उपलब्ध है।

    Short में कहा जाए तो –

    • Domain name Eunice होना चाहिए।
    • Content original होना चाहिए। पेरग्राफ हमेशा छोटे होने चाहिए। हो सके तो हर पेराग्राफ पर Anchor Keyword use करना चाहिए।
    • Post के अंदर कम से कम दो Images डालनी चाहिए, और Images को हमेशा Alt attribute देना चाहिए ताकि Google search engine उन्हे Image search list में index कर सके।
    • Sub headings में H1, H2, H3 heading text इस्त्माल करने चाहिए।
    • Eunice Back Links create करने चाहिए। harmful back links हटाने चाहिए।
    • अधिक media (Images, audio Files, Videos) और कम text content रखने पर भी website का Rank नीचे जाता है। इस लिए Limited Media उसे के साथ अधिक quality content पब्लिश करना चाहिए। (Note- media file का अधिक use करने से website slow होता है)।
    • पोस्ट और pages को अजीब और non famous titles देने पर भी page rank कम रहेता है। उदाहरण – Food cooling units /  refrigerators । अब इन दोनों मे से “refrigerators” शब्द अधिक लोग सर्च करते होंगे। तो इस तरह से सावधानी से पोस्ट और pages के title चुननें चाहिए।
    • Wrong audience location select करना। उदाहरण के तौर पर अगर आप एक हिन्दी ब्लॉगर हैं तो आप को Google web master में audience criteria (search Preference) में India choose करना चाहिए। लेकिन कर आप वहाँ पर USA या AU choose करते हैं तो search engine आप के website को selected criteria के लिए ही prefer करेगा, जहां पर हिन्दी भाषी audience ना के बराबर होंगी। और इस गलती के कारण आप का website rank में नीचे जाएगा।

     

    On Page SEO क्या है –

    अच्छी quality का content तैयार करना, content और heading से related long tail keywords इस्त्माल करना। हर pages को attractive और suitable title देना। यह सब कार्य On page SEO के अंतर्गत आते हैं।

    Off Page SEO क्या है –

    website के लिए Eunice Link building करना, built की हुई Links की popularity को बढ़ावा देना, अपनी website को अलग अलग open website directories में submit करना, quality websites के साथ अपने website के exchange links set करना। यह सभी कार्य Of page SEO के under आते हैं।

     

    ऑन साइट SEO क्या है –

    आप के ब्लॉग की Crawling और Indexing कैसे होगी, इस तरह का content और Title presentation आप के ब्लॉग को rank में आगे index करा सकता है, यह सब On Site SEO के तहत आता है। in short वैबसाइट का internal structure On Site SEO के द्वारा दुरुस्त किया जा सकता है।

    ब्लैक हैट SEO क्या है –

    • जब किसी low quality के website pages को Search Engine approve नहीं करता है तब वह सारे pages Black hat SEO के अंडर आ जाते हैं, इन pages को spamdexing pages भी कहा जाता है। इस तरह के pages fraud pages मान लिया जाता है, जो की सिर्फ search engine में ऊपर आने के लिए तैयार किए गए हैं।
    • अगर किसी website पर अत्याधिक redirection सेट किए गए हों तो भी उसे Google Search Engine spammer website मान लेता है।
    • sentence की demand से अधिक keyword use करना, या फिर post के end में बेवजह keyword का list लिखना, ताकि search result में blog batter rank पर आ सके, इस कारण की वजह से भी web page का rank नीचे जाता है।
    • किसी अन्य पोपुलर website की हूबहू copy कर के unfair advantage लेने की कौशीस करना। या फिर doorway / gateway pages create कर के बार बार एक ही तरह के keyword को दहोरना। non related keyword use करना, जिसका पोस्ट से कोई भी ताल्लुक नहीं है। इन सभी तरह की गैररीतियों को Black het SEO के तहत जाना जाता है, और यह सब long term में आप के website को नुकसान ही पहुंचाते हैं।

     

    व्हाइट हैट SEO क्या है –

    • जो website सर्च एंजिन की guideline को अच्छी तरह follow करते हैं , और जिनका content users के लिए उपियोगी है, जिस website में readers को misguide नहीं किया जाता है, और अच्छी तरह से researched की हुई information परोसी जाती है, ऐसे website White Hat SEO के अंडर आते हैं।
    Answered on July 21, 2016.
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    Search Engine Optimization (SEO)

    yah ek Technique hai, Jo Ki Blog/Website ke Content ko Search Engine(Google, Bing, Yahoo) ke Liye Relevant Banane ka Kam karta hai. SEO Ko Uske kaam ke aadhar Par 2 Part me Divide kiya gaya.

    1. On-Page SEO
    2. Off-Page SEO

    Kisi Website/Blog ka Content Optimization Ke Liye jo Technique Use Hota hai use On-Page SEO Kahte hai. Jaise ki Permalink Optimization, Keyword research, Title, Etc,

    Kisi Blog/Website ko Search Engine par Optimize karne ke liye jo Technique Use Hota hai Se Off-Page SEO Kahate hai. Jaise ki Backlink.

    Answered on January 20, 2018.
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    एसईओ – Search Engine Optimization –

    SEO यानि की सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (Search Engine Optimization) एक ऐसी तकनिकी है जिससे हम किसी भी वेबसाइट को किसी भी सर्च इंजन से इस तरह जोड़ते हैं की वो सर्च किये जाने पर दिखायीं दे| इसके लिए सिर्फ वेबसाइट का नाम और एड्रेस ही नहीं बल्कि कुछ और भी कीवर्ड्स, फ्रेज इत्यादि होते हैं|

    इसका बेसिक काम ये होता है की एक वेबसाइट को इस तरह से डेवेलोप करें की उसकी रैंकिंग सर्च इंजन में ऊपर आये क्यूंकि जितनी अच्छी रैंकिंग, उतने ज्यादा विजिटर. इस तरह से ये वेबसाइट के ग्रोथ के लिए जिम्मेदार मन जाता है|

    इसके अलावा ये सर्च इंजन पे वेबसाइट की ट्रैफिक को भी बढ़ता है क्यूंकि इससे बहुत सरे यूजर उन कीवर्ड्स को सर्च कर पते हैं और वेबसाइट विजिट कर पाते हैं| अगर आप इसके बारे में जानना चाहते हैं तो पहले आपको ये जानना होगा की ये काम कैसे करता है|

     

    सर्च इंजन निम्न तरीके से काम करता है –

    • क्रॉलिंग (Crawling) –  वेबसाइट के हर एक पेज को सर्च इंजन के साथ फेच (fetch) करना|
    • इंडेक्स करना (Indexing) –  सरे वेबपेज को एक डेटाबेस में स्टोर क्र देना और इनका एक इंडेक्स तैयार होगा|

    इस दोनों तरीकों के बाद अब जब भी सर्च रिक्वेस्ट आती है किसी भी सर्च इंजन पर जो उस वेबसाइट से रिलेवेंट हो तो सर्च इंजन की भी अपनी एक अल्गोरिथम होती है जिससे की वो किसी टर्म को खोजता है. अब जब ये वेबपेज सर्च इंजन के साथ जुड़े हुए है तो सर्च इंजन इन्हे अपनी डायरेक्टरी में खोजेगा और फिर शो करेगा|

    वर्डप्रेस का SEO आप अपनी साइट विजिबलिटी सेटिंग्स में चेंज करके इम्प्रूव कर सकते हैं. इसके अलावा आप इसका यूआरएल यूजर फ्रेंडली रखकर भी इसकी SEO क्वालिटी इम्प्रूव कर सकते हैं. वर्डप्रेस सीधे आपको प्लगइन सर्विस देता है जिससे की आप अपने SEO सर्विस को बहुत ही अच्छा कर सकते हैं|

    इसके बारे में जानकारी मैंने पिछली बार दिया था. कृपया यहाँ पढ़ें| – AskHindi- Best Plugin on WordPress

    Answered on January 20, 2018.
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    Search Engine Optimization (SEO) – एसईओ

    किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग को सर्च इंजन के हिसाब से व्यवस्थित करने की प्रोसेस ऐसइओ कहलाती है।ऐसइओ का मतलब होता है सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन या सीधे शब्दों में हम कहेंगे सर्च इंजन के लिए अपनी वेबसाइट को ऑप्टिमाइज़ करना। वेबसाइट की फील्ड में एसईओ का ज्ञान होना ही सक्सेस होने की गारंटी होती है। कोई भी सर्च इंजन जैसे गूगल के पास इतना टाइम नहीं होता कि वह आपकी पोस्ट को पूरा पढे और उसे सर्च रिजल्ट में रैंकिंग दे। इसके लिए हमें खुद हमारी साइट को ऐसा बनाना पड़ता है जिससे Google उससे उसकी भाषा में पढ़ सके|

     

    SEO वेबसाइट के लिए क्यों जरूरी है –

    अगर आप अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को सर्च इंजन में हाई रैंक पर दिखाना चाहते हैं तो SEO की पूरी जानकारी होना आपके लिए बहुत ही जरूरी है। सभी सर्च इंजन जैसे गूगल याहू बिंग के पास किसी भी ब्लॉग या वेबसाइट को पढ़ने के लिए स्पेशल सॉफ्टवेयर होते हैं। स्पेशल सॉफ्टवेयर को वेब क्रॉलर, Spider कहा जाता है।इसके अलावा सभी सर्च इंजन के पास सर्च रिजल्ट के अंक देने के लिए एक खास सर्च एल्गोरिथ्म होता है।

    सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के कारण आपकी वेबसाइट Google में फर्स्ट पेज पर सर्च करने पर दिखाई देती है। सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के कारण अगर आपके ब्लॉग या वेबसाइट में गूगल एडसेंस है तो आपकी कमाई भी ज्यादा होने लगती है।

    Answered on January 20, 2018.
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