वेद क्या हैं? वेद कितने प्रकार के होते हैं? पूरी जानकारी दीजिये

वेद क्या हैं और यह कब और क्यों लिखे गए थे? वेदों के प्रकार और उसमें लिखी गयी बातों की महत्वपूर्ण जानकारी दीजिये हिंदी में

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    वेद

    प्राचीन संस्कृत वेद, ज्ञान ग्रंथों का संग्रह है, वेदों को श्रुति साहित्य भी कहा जाता है। वेद हिंदू धर्म के सबसे पुराने ग्रंथ हैं।कई इतिहासकार वेदों को सबसे पुराने जीवित ग्रंथों के रूप में प्रस्तुत करते हैं, वे अनुमान लगाते हैं कि उन्हें 1500 ईसा पूर्व और 500 ईसा पूर्व के बीच लिखा गया है।वेदों को कोर मंत्रों द्वारा गठित किया जाता है जो मंत्र, जादू और भजन, प्रार्थना, अनुष्ठान सूत्रों, आकर्षण आदि का प्रयोग करते हैं।

    चार वेद हैंऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। प्रत्येक वेद को चार प्रमुख प्रकार के भागों में विभाजित किया गया है

    1 संहिता (मंत्र और अनुग्रह)

    2 अरण्यक (अनुष्ठानों, समारोहों, बलिदानों)

    3 ब्राह्मण (समारोहों और बलिदानों, अनुष्ठानों) और

    4 उपनिषद (आध्यात्मिक ज्ञान, ध्यान और दर्शन)

    1 ऋग्वेद:

    यह सबसे प्राचीनतम वेद है, इसमें 10 मण्डल तथा 1,028 सूक्त है।

    इसकी भाषा पद्यात्मक है, इसमे गायत्री मन्त्र का उल्लेख है

    2 सामवेद:

    इसे देवताओं की स्तुति के लिए गाया जाता था, इसे भारतीय संगीत का मूल कहा जाता है

    3 यजुर्वेद:

    यह एक मात्र ऐसा वेद है जिसकी रचना गद्य और पद्य दोनों में की गयी है

    4 अथर्ववेद:

    इसमें ब्रह्मा ज्ञान, औषधि प्रयोग, रोग निवारण, टोनाटोटका, आदि का वर्णन है

     

    Answered on April 21, 2017.
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    वेद

    वेद शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है, ‘ज्ञान के ग्रंथ’. यह शब्द संस्कृत भाषा के विद् शब्द से बना है.

    वेद भारत देश के सबसे पवित्र धर्म ग्रंथ है. इन्हें ईश्वर की वाणी माना गया है. यानि की ‘अपौरुषेय’ माना गया है. इसे श्रुति भी कहते है. अर्थात सुना हुआ. इस प्रकार वेदों को अलग-अलग अर्थ में ज्ञान का स्रोत माना गया है.

    भारतीय संस्कृति में वेदों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है. लोग इनकी पूजा करते है. और वेद पाठ करते है.

    वेदो का जन्म सृष्टि के आरंभ से ही मान जाता है. कहते है पहले तो ये श्रुति के रूप में रहे बाद में इन्हे लिखा गया है.

    वेदों के प्रकार

    भारतीय संस्कृति में मुख्य रूप से चार वेद माने गए है. जिनके नाम इस प्रकार है –

    1. ऋग्वेद
    2. सामवेद
    3. यजुर्वेद
    4. अथर्ववेद
    Answered on April 20, 2017.
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    वेदों की संख्या चार है–

    1~ऋग्वेद,
    2~यजुर्वे,
    3~सामवेद,
    4~अर्थवेद।
    वेदों को संहिता भी कहा जाता है।वेदों के संकलन का श्रेय महर्षि कृष्ण द्वैपायन वेद-व्यास को है।

    ऋग्वेद;
    ? ऋग्वेद 10 मंडलो में विभाजित है।इसमें देवतायों की स्तुति में 1028 श्लोक है,जिसमे 11 बालखिल्य श्लोक है।ऋग्वेद में 10,462 मंत्रो का संकलन है।

    ? ऋग्वेद का पहला तथा 10 वा मंडल क्षेपक माना जाता है।नौंवे मंडल में सोम की चर्चा है
    ? ऋग्वेद में पुरूष देवतायों का प्रधानता है।इसमें 33 देवतायो का उल्लेख है।
    ? देवतायों में घोषा, लोपामुद्रा,विश्व वारा इत्यादि विदुषी महिलाओं का उल्लेख है ।
    ? सरस्वती एक पवित्र नदी के रूप में ऋग्वेद में वर्णित है।
    ?ऋग्वेद में आकाश के देवता ,सावित्री,सूर्य,ऊषा,पूषन,विष्णु, नासत्य,उरुक्रम,आदि।
    सामवेद;
    ? सामवेद के अधिकांश श्लोक तथा मन्त्र ऋग्वेद से लिये गए है।इस वेद से सम्बंधित श्लोक तथा मंत्रो का ज्ञान करने वाले पुरोहित”उदगात्र”कहलाते है।
    ? सामवेद का सम्बन्ध संगीत से है तथा इसमें संगीत के विभिन्न पक्षो का उल्लेख हुआ है।इसे भारतीय संगीत का जनक माना जाता है।

    यजुर्वेद;
    ? यजुर्वेद में अनुष्ठानों तथा कर्मकांडो में प्रयुक्त होने वाले श्लोकों तथा मंत्रो का संग्रह है।
    ? यजुर्वेद गद्य तथा पद्य दोनों में रचित है,इसके दो पाठान्तर है-
    1-कृष्ण यजुर्वेद,2-शुक्ल यजुर्वेद।
    ? यजुर्वेद में कृषि तथा सिंचाई की प्रविधियों को चर्चा है।चावल की कई किस्मो की जानकारी इस ग्रंथ में मिलती है।

    अथर्वेद;-
    ?अथर्वेद की रचना अथर्वा ऋषि ने की थी।
    ? अथर्वेद के अधिकांश मंत्रो का सम्बन्ध तंत्र-मंत्र या जादू -टोना से है।रोग निवारण की औशधि की चर्चा भी इसमें मिलती है।
    ? अथर्वेद में सभा तथा समिति को प्रजापति की दो पुत्रियां कहा गया है।
    ? सूर्य का वर्णन एक ब्राह्मण विद्यर्थी के रूप में अर्थवेद में हुआ है।

    उपवेद;-
    ? उपवेद,वेदों की परिशिष्ट है,जिसके माध्यमो से वेद की तकनिकी बातो को स्पष्टता मिली है।
    ? कालांतर में स्थापत्यवेद, शिल्पशास्त्र को उपवेदों की श्रेणी में रखा गया है।
    वेदांग:-
    वेदों की किलिष्ठता को कम करने कम करने के लिये वेदांगों की रचना की गई है।ये है–शिक्षा,कल्प,व्याकरण ,निरुक्त चंद और ज्योतिष।
    इसके प्रमुख्य अन्य ग्रंथ-ब्राम्हण ग्रथ,आरण्यक ग्रंथ,उपनिषद,स्मृति साहित्य,षड्दर्शन आदि।

    Answered on April 22, 2017.
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