Form 16 क्या हैं? क्या इनकम टैक्स Return फाइल करने के लिए फॉर्म-16 जरुरी हैं?

इनकम टैक्स में फॉर्म-16 क्या होता हैं? Form-16 कौन और कब जारी करता हैं? Form-16 कैसे मिलेगा? क्या Form-16 के बिना Income Tax Return फाइल नहीं किया जा सकता?

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      फॉर्म 16 क्या है(What is Form 16)-

      फॉर्म 16 एक प्रकार का स्टेटमेंट है जो नियमित Salary प्राप्त करने वालो के लिए है इसे सैलरी स्लिप या सैलरी सर्टिफिकेट के नाम से भी जाना जाता है, यह वेतनभोगियों को उनके नियोक्ता द्वारा जारी किया गया एक प्रमाणपत्र है जो कर्मचारी के वेतन में से काटे गए TDS की पुष्टि करता है साथ ही आपको बताता है की आपका कटौती कर आयकर विभाग के साथ जमा किया गया है|

      इसमें आपके रिटर्न तैयार करने और फाइल करने से सम्बंधित आवश्यक जानकारी और आपकी सैलरी का पूरा ब्यौरा होता है| फॉर्म 16 एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो आयकर अधिनियम 1961 के प्रावधानों के अनुसार जारी किया जाता है, यह फॉर्म तभी जारी किया जाता है जब कर्मचारी की आय टैक्स चुकाने के अंतर्गत आती हो, इससे पता चलता है की कम्पनी ने आय में से कितनी राशि टैक्स के रूप में डिडक्ट की है|

      आयकर अधिनियम 1961 की धारा 203 के अनुसार सैलरी प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को हर वर्ष के अंत में उनकी आय और टैक्स से सम्बंधित जानकारी एक फॉर्म के रूप में देनी होती है जिसे कम्पनी द्वारा भर कर दिया जाता है ताकि कर्मचारी देय तिथि तक ITR से साथ फाइल कर सके|

      कई बार कम्पनी TDS काटने के बावजूद भी अपने कर्मचारियों को फॉर्म 16 नहीं देती है ऐसा होने पर आप आयकर विभाग में शिकायत कर सकते ही क्योकि कम्पनिया कर्मचारी की आय से TDS काटने बाद में टैक्स को आयकर विभाग में जमा नहीं करवाती जो एक बहुत बड़ा अपराध है| जब भी कम्पनी आपकी आय से TDS काटती है तो आपको फॉर्म 16 की मांग करनी चाहिए क्योकि यह रिटर्न भरते समय एक सबूत के रूप में पेश होगा की कम्पनी ने आपकी आय से टैक्स की कटौती की है|

      Parts of Form 16

      फॉर्म 16 को कम्पनी वर्ष के अंत में अपने कर्मचारियों को जारी करती है, मुख्यतः कम्पनी तथा बैंक की जिम्मेदारी होती है की कर्मचारियो को फॉर्म 16 जारी करे|

      फॉर्म 16 के भाग- फॉर्म 16 के दो भाग होते है एक भाग A और भाग B, दोनों में बहुत अंतर है|

      भाग A- यह नियोक्ता और कर्मचारी को बुनियादी विवरण प्रदान करता है इसमें नियोक्ता के पास आपका TAN Number(कर कटौती और संग्रहण खाता संख्या), Pan Number(स्थाई खाता संख्या) और स्थाई पता भी होता है, इसमें चालू वर्ष के दौरान कर्मचारी को दिए पैसे का विवरण होता है| इसमें निम्न जानकारिया दी होती है-

      • कर्मचारी का नाम
      • नियोक्ता के TAN व PAN नंबर
      • कर्मचारी के PAN नंबर
      • तिमाही के लिए जमा और कटौती का सारांश
      • रोजगार की अवधि
      • निर्धारण वर्ष
      • TDS प्रमाण नंबर

      भाग B- यह भाग A के मुकाबले अधिक महत्वपूर्ण है, इसमें भुगतान का पूरा सारांश होता है यह वेतन में हुए घोटाले के साथ ही कटौती के बारे में भी बताता है, इसमें निम् जानकारी होती है-

      • वेतन की पूरी जानकारी
      • धारा 80C के तहत कटौती का योग
      • 80C के तहत किए निवेश
      • आयकर अधिनियम के तहत कटौती की अनुमति
      • TDS सम्बन्धी जानकारी
      • गणना के बाद वित्तीय वर्ष के लिए टैक्स या रिफंड की जानकारी
      • धारा 89 के तहत राहत

      फॉर्म 16 के बिना रिटर्न कैसे भरे-

      आप अपना रिटर्न फॉर्म 16 के बिना भी भर सकते है इसके लिए आपको कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता है, जिसमे से सैलरी स्लिप, फॉर्म 26AS एक है|

      • पे स्लिप से ग्रॉस सैलरी निकले- आप एक वित्तीय वर्ष से सम्बंधित सभी स्लिपों को इकक्ठा कर ले क्योकि इसमें आपकी आय से जुडी सारी जानकारी होती है, सैलरी का हिसाब करते समय ध्यान रखे की आपकी सैलरी से टैक्स, TDS कटा जा चूका है| अगर आपने वर्ष के बिच में कम्पनी छोड़ दी है और दूसरी कम्पनी में काम कर रहे है तो डिटेल्स भरते समय दोनों स्लिपों को उपयोग में लेना होगा|
      • काटे गए TDS का हिसाब- कम्पनी द्वारा आपकी आय में से काटे गए TDS का मिलान आप फॉर्म 26AS से कर सकते है, इसमें आपकी Salary से काटे गये सभी प्रकार के टैक्स का ब्यौरा  होता है, आपको इस फॉर्म से काटे गए TDS का मिलान कर देना चाहिए अगर कोई अंतर दिखता है तो टैक्स काटने वाले नियोक्ता से मिले|
      • घर का किराया(House Rent Allowance)- कई कर्मचारियों के वेतन में घर के किराए पर भत्ता(House Rent Allowance) शामिल होता है, HRA में कटौती का दावा करने के लिए आपको अपने किराए की रशीद पेरोल विभाग को एडवांस में जमा कराना होगा| अगर आपने अपने नियोक्ता को रशीदें जमा नही करवाई है तो आप फाइलिंग करते समय इसका दवा कर सकते है|
      • पूंजीगत लाभ(Capital Gains) की गणना करे- अगर आपको म्युचअलफण्ड, शेयर, फ्लैट आदि की बिक्री से कोई लाभ होता है तो उसकी जानकारी देनी चाहिए, शेयर की बिक्री में लाभ के मामले में आप आप अपने ब्रोकर से लाभ और हानि प्राप्त कर सकते है और उसे रिपोर्ट में दर्शा सकते है|
      • अपने कटौती पर क्लेम करे- बहुत सरे निवेश कर कटौती योग्य होते है, इसलिए अपने निवेश दस्तावेजों को सरल बनाए रखे और धारा 80C(जीवन बीमा, कर्मचारी भविष्य निधि), 80D(मेडिकल इन्शुरन्स प्रीमियम), 80E(शिक्षा लोन पर ब्याज) आदि के तहत पात्र राशि के लिए गणना करे| भविष्य निधी के लिए कटौती का दावा करते हुए सुनिश्चित करे की आप केवल PF में अपना योगदान दे रहे है न की नियोक्ता का योगदान|
      • अन्य स्त्रोतों से आय- यदि आप अपनी सैलरी के आलावा की अन्य स्त्रोत से आय प्राप्त कर रहे है तो इसे कर योग्य आय के तहत शामिल करना न भूले| आय के इस तरह के स्त्रोत में फिक्स डिपोसिट पर अर्जित ब्याज, आपकी सम्पत्ति पर किराए से आय शामिल हो सकती है|
      • आवश्यकता होने पर अतिरिक्त टैक्स का भुगतान करे- यदि आपको लगता है की वित्तीय वर्ष में आपके द्वारा चुकाया गया टैक्स फॉर्म 26AS के अनुसार वास्तव में डे राशि से कम है तो आप इस भिन्नता का ऑनलाइन भुगतान कर सकते है|
      • अंत में अपना आयकर रिटर्न फाइल करे- रिटर्न फाइल करने से पहले यह सुनिश्चित कर ले की आपके द्वारा चुकाया गया टैक्स आपके देय टैक्स से मेल खाता है तो आप अपना रिटर्न ऑनलाइन भर सकते है

      Filing Income Tax Return

      Answered on July 16, 2018.
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